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तो यहां से फैला है दुनिया भर में काला जादू  

Publish Date: January 21 2018 05:01:09pm

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : आज हम आपको काले जादू के इतिहास और उसके जन्म स्थान के बारे में बताने जा रहे हैं। हालांकि इस प्रकार के जादू का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है लेकिन मानने वाले इसके जबरदस्त भक्त होते हैं। यही कारण है कि आज के वैज्ञानिक युग में भी इस प्रकार की बातों पर भरोसा करने वालों की संख्या बड़ी है। 

मानव इतिहास में भूत-प्रेतों की कहानियां हमेशा से चली आ रही हैं लेकिन वास्तविक रूप से यह कहानियां कितनी सच है यह कहना मुश्किल हैं। जहां बहुत से लोग भूत की कहानियों पर विश्वास करते हैं तो वहीं इन सब बातों को सिरे से नकारने वाले लोगों की भी संख्या कम नहीं है। विज्ञान आज भी इन कहानियों को सिरे से खारिज करता है। 

दुनिया में एक ऐसी जगह हैं जहां रहने वाले लोगों को जिंदा भूत कहा जाता है। कहा तो यहां तक जाता है कि उनको छूने मात्र से लोगों की मौत हो जाती है। यह स्थान पश्चिम अफ्रीका में पड़ता है। यह स्थान जहां है उस देश का नाम बेनिन है। 

पश्चिम अफ्रीका के छोटे के इस देश बेनिन को काले जादू का उदगम स्थल भी बताया जाता है। कहा जाता है कि काले जादू की शुरुआत यही से हुई है। यहां रहने वाले एक समुदाय के लोगों को इगुनगुन नाम से जाना जाता है। इन्हें सीक्रेट सोसाइटी माना जाता है। इस सीक्रेट सोसाइटी के लोगों को जिंदा भूत भी कहा जाता है। 

मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक बेनिन में बसा इगुनगुन समुदाय का कोई भी सदस्य अगर किसी को छू लेता है तो उसकी तुरंत मौत हो जाती है और साथ ही उस इगुनगुन सदस्य की भी। इगुनगुन लबादा ओढऩे के साथ ढेर सारे रंग-बिरंगे कपड़े पहनते हैं। ये अपनी पहचान छुपाने के लिए अपने चेहरे को ढंककर रखते हैं।

यहां के लोगों का मानना है कि इस इगुनगुन सदस्यों के अंदर मृत पूर्वजों की आत्माएं आती हैं और राय व्यक्त करती हैं। इसलिए ये लोग गांव के विवादों को सुलझाने और फैसला सुनाने का काम करते हैं। ये बहुत ऊंचे स्वर और अस्पष्ट शब्दों में बात करते हैं। इगुनगुन के साथ कुछ माइंडर रहते हैं जिनके हाथों में छड़ी होती है।

ये माइंडर इनके सेक्रेटरी की तरह काम करते हैं। कहा जाता है कि काला जादू का सबसे पहले प्रयोग यहीं किया गया था और यहीं से सीख कर दुनिया भर में काला जादू करने वाले लोग अपना जौहर दिखाते हैं। काला जादू के इतिहास के बारे में लोगों का अलग-अलग मत है लेकिन इस विद्या के जानकार सुनिल शास्त्री बताते हैं कि भारत में काला जादू का इतिहास लगभग चार हजार वर्ष पुराना है। 

शास्त्री का कहना है कि आधुनिक युग को जादू टोना अवगत कराने का श्रेय कीना राम और बामाखेपा को जाता है लेकिन भारत में काला जादू कहां से आया है और कौन इसके प्रणेता हैं उसके बारे में कोई नहीं जानता है। वैसे इस विद्या को दक्षिण भारत से जोड़कर देखा जाता है। यदि यह सत्य है तो इसकी भी संभावना है कि इस विद्या को लाने वाला कोई अफ्रीकी ही होगा।  
 

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