Sunday, December 09,2018     ई पेपर
ब्रेकिंग न्यूज़
राष्ट्रीय

आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने RBI गवर्नर पर साधा निशाना

Publish Date: March 27 2018 05:11:30pm

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविन्द सुब्रह्मण्यम ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेप पर जबरदस्त हमला बोला है। उन्होंने अपने ताजा बयान में कहा है कि सिर्फ कानून बना देना की काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि बैंकों की स्वायत्ता पर केवल कानून बना देने मात्र से ही बैंक स्वायत्त नहीं होंगे, इसके लिए वेहतर फैसले लेने जरूरी होते हैं। 

दरअसल, हाल ही में आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने एक बयान में कहा था कि बैंकों की स्वायत्ता आरबीआई को और अधिक शक्ति दी जानी चाहिए। आर्थिक सलाहकार अरविन्द सुब्रह्मण्यम के बयान को इसी परिपेक्ष्य में देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने सीधा-सीधा उर्जित पटेल पर हमला नहीं किया है लेकिन पटेल के बयान के बाद यह बयान आया है और इस बयान से यह भी साफ हो गया है कि सरकार के आर्थिक संवैधानिक संस्थाओं में भी संतुलन एवं समन्वय का आभाव है। 

रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल के पंजाब नैशनल बैंक  (पीएनबी) स्कैम के बाद सार्वजनिक बैंकों की निगरानी और प्रबंधन के लिए आरबीआई को ज्यादा कानूनी अधिकार दिए जाने के बयान दिया था। इस पर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता के लिए सिर्फ कानून बना देना काफी नहीं है और ना ही सिर्फ कानून बनने से स्वायत्ता हासिल हो सकती है। इसके लिए एक्शन और डिसिजन यानि कार्रवाई और बेहतर फैसले जरूरी होते हैं। 

उन्होंने कहा कि गलत फैसलों से रिजर्व बैंक पर जो लोगों का भरोसा है, उस पर भी असर पड़ता है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली में एक कॉलेज में अरविंद सुब्रह्मण्यम से छात्रों से बातचीत के दौरान बैंकों की स्वायत्तता को लेकर सवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि स्वायत्तता कानून से हासिल नहीं की जा सकती, ये अच्छे और प्रभावी फैसलों से आती है। 

उन्होंने कहा कि किसी केंद्रीय बैंक की विश्वसनीयता सिर्फ इससे नहीं बनती है कि उसको कितनी आजादी मिली हुई है क्योंकि आप स्वतंत्रत होते हुए खराब फैसले लेते हैं, तो आपसे भरोसा कम हो जाता है। हाल ही में पंजाब नेशनल बैंक घोटाला मामले के मद्देनजर आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने बैंकों की स्वायत्ता को लेकर कहा था कि सार्वजनिक बैंकों के निगरानी के लिए रिजर्व बैंक के पास पर्याप्त कानूनी अधिकार न होने की वजह से भी दिक्कतें होती हैं। 

उन्होंने कहा था कि वे सार्वजनिक बैंकों से निपटने के मामले में असहाय हैं। उर्जित पटेल ने कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के डायरेक्टर सरकार नियुक्त करती है, जिसे रिजर्व बैंक नहीं हटा सकता, ना ही किसी सरकारी बैंक को विलय या हिस्सेदारी बेचने के लिए कह सकता है।
 

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 7400063000 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें। फेसबुक-टिवटर पर हमसे जुड़ने के लिए www.fb.com/uttamhindu/ आैर www.twitter.com/DailyUttamHindu पर क्लिक करें आैर पेज को लाइक करें।


एडिलेड टेस्ट : एडिलेड में 15 साल बाद जीत के करीब पहुंचा भारत

एडिलेड (उत्तम हिन्दू न्यूज): भारतीय गेंदबाजों रविचंद्रन अश्वि...

'गोपी बहू' गिरफ्तार, हीरा व्यापारी की हत्या में शामिल होने का आरोप 

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज) : एक हीरा व्यापारी की हत्‍या के सि...

top