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डॉक्टरों का संघर्ष रंग लाया, संशोधित एनएमसी बिल को मोदी कैबिनेट की मंजूरी, पढ़ें अन्य फैसले

Publish Date: March 28 2018 08:50:00pm

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज यहां हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूण फैसले लिए। डाक्टरों को अपनी प्रेक्टिस शुरू करने के लिए अब अलग से परीक्षा नही देनी पडेगी बल्कि एमबीबीएस की अंतिम परीक्षा से ही उन्हें डाक्टरी करने की अनुमित मिल जाएगी और विदेशों से प्राप्त मेडिकल डिग्री को भी मान्यता मिल जाएगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय मेडिकल आयोग विधेयक में कुछ सरकारी संशोधनों को आज मंजूरी दे दी जिसके तहत यह प्रावधान किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में एमबीबीएस की परीक्षा को ही नेशनल एक्सिट टेस्ट के रूप में माना जाएगा। इसके तहत एमबीबीएस करने वाले डाक्टरों को डाक्टरी करने के लाइसेंस के लिए अलग से परीक्षा देने की जरूरत नहीं पडेगी। गौतलब है कि राष्ट्रीय मेडिकल विधेयक को स्वास्थ्य मंत्रायल से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति के पास विचारार्थ भेजा गया था जिसमें 20 मार्च को अपनी रिपोर्ट दे दी थी और उसकी सिफारिशों के आधार पर सरकार ने इस विधेयक मेंं आवश्यक संशोधन किए हैँ।

इसके अलावा सरकार ने कुशल भारत अभियान को गति देेने के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास कोष और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम का पुनर्गठन करने को मंजूरी दी वहीं सरकार के इस निर्णय से कुशल भारत अभियान के प्रबंधन, क्रियान्वयन और निगरानी को गति मिलेगी। इससे कुशल भारत अभियान में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की भावना विकसित होगी। इन दोनों संस्थाओं का गठन वर्ष 2008 में किया गया था जिनकी जिम्मेदारी कौशल विकास के कार्यों में समन्वय करना है। सरकार ने अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा दायरे में लाने तथा रोजगार सृजन के अवसर बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के दायरे को बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार अब सभी क्षेत्रों के लिए नये कर्मचारी के पंजीकरण की तिथि से पहले तीन वर्षों के लिए नियोक्ता के पूर्ण ग्राह्य योगदान में योगदान देगी। इसमें वर्तमान लाभार्थियों के तीन वर्षों की उनकी शेष अवधि का योगदान भी शामिल होगा। अभी तक इस योजना के बेहतर परिणाम सामने आयें है और औपचारिक रोजगार में लगभग 31 लाख श्रमिकों को लाभ हुआ है। इसके लिए 500 करोड़ रूपये से खर्च किये गए हैं। 
 

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