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राजस्थान में फिर भड़की हिंसा, हजारों की भीड़ ने भाजपा विधायक का घर फूंका

Publish Date: April 03 2018 02:23:52pm

भोपाल/जयपुर (उत्तम हिन्दू न्यूज): दलित संगठनों के भारत बंद के आह्वान पर सोमवार को मध्यप्रदेश में कुछ स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन के बाद आज स्थिति नियंत्रण में है। मृतकों की संख्या हालांकि बढ़कर सात हो गयी है। वहीं आज राजस्थान में फिर हिंसा भड़कने की खबर है। राजस्थान के करौली में भीड़ ने दो नेताओं के घरों को निशाना बनाया है। भीड़ ने भाजपा विधायक राजकुमारी जाटव और पूर्व  विधायक भरोसीलाल जाटव के घरों में आग लगा दी है। येे दोनों नेता दलित समुदाय से आते हैं। राजकुमारी बीजेपी नेता हैं जबकि पूर्व विधायक कांग्रेस के नेता हैं। बताया जा रहा है कि इलाके में सोमवार को हुई हिंसा के जवाब में आज सुबह यहां भीड़ जमा होने लगी। धारा 144 लागू होने के बावजूद धीरे-धीरे ये संख्या 40 हजार तक पहुंच गई।

बताया जा रहा है भीड़ ने एक मॉल में आग लगा दी गई, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोडऩे पड़े। उधर, मध्यप्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) मकरंद देउस्कर ने आज यहां पुलिस मुख्यालय में संवाददाताओं को बताया कि प्रदेश के हिंसा प्रभावित तीनों जिलों में स्थिति आज नियंत्रण में है। ग्वालियर के मुरार, गोला का मंदिर समेत तीन थाना क्षेत्रों, मुरैना शहर, भिंड शहर और भिंड जिले के गोहद और मेहगांव में अब भी कफ्र्यू लगा हुआ है। ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र से कफ्र्यू हटा लिया गया है। इसके अलावा प्रदेश के सागर, दतिया, बालाघाट और डिंडोरी में धारा 144 लागू है। उन्होंने बताया कि भिंड में एक और शव बरामद हुआ है, जिसकी पहचान दशरथ जाटव के तौर पर हुई है। मुरैना जिले के राहुल पाठक का मामला आंदोलन से जुड़ा नहीं था, इसे अलग किए जाने के बाद प्रदेश में हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या सात हो गई है। उन्होंने बताया कि मुरैना में 14 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और 16 नागरिक घायल हैं। भिंड में 12 पुलिसकर्मी और 12 नागरिक घायल हैं। उन्होंने घायलों की संख्या और बढऩे की आशंका भी जताई। ग्वालियर में भी करीब 20 लोग घायल हैं, जिनमें कम से कम छह पुलिसकर्मी शामिल हैं। 

प्रदेश में कल हुई हिंसा के बाद हिंसाग्रस्त इलाकों में जिला पुलिस बल के साथ विशेष सशस्त्र बल और त्वरित कार्य बल के जवानों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। राज्य के सभी 51 जिलों में प्रदेश पुलिस मुख्यालय स्थिति पर नजर रखे हुए है। प्रदेश पुलिस प्रशासन सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से संपर्क में है। कल प्रदर्शन के दौरान श्योपुर, अशोकनगर, सागर, देवास, रतलाम और कुछ अन्य जिलों में भी छिटपुट घटनाएं हुयी थीं। 

हिंसा में 8 की मौत.

दलितों के भारत बंद आंदोलन के पीछे आखिर कौन है?

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