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विवादों में शिवराज सिंह चौहान के राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त बाबा, देश की सियासत गरमाई 

Publish Date: April 04 2018 02:48:50pm

भोपाल (उत्तम हिन्दू न्यूज) : मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा पांच विशिष्ट संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले पर विपक्षी, कांग्रेस ने सरकार को आरे हाथों लेते हुए इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। इन पांचों धार्मिक नेताओं में नर्मदानंद महाराज, हरिहरनंद महाराज, कंप्यूटर बाबा, भय्यू जी महाराज और पंडित योगेंद्र महंत शामिल हैं। इस मामले में जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सवाल पूछा गया तो वह कुछ भी कहने से बचते दिखे। उन्होंने मीडिया के इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया। 

इस इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री चौहान पर निशाना साधा है और कहा है कि यह पूरा खेल विधानसभा चुनाव को लेकर खेला जा रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुवेदज़्ी ने सरकार के इस कदम को चुनावी साल में संतों को लुभाने वाला बताया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इस वक्त प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से खराब हालत में है, किसानों की हालत खस्ता है, उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इन मुद्दों को छोड़ सरकार असल मुद्दों से भटकाने का काम कर रही है।

सरकार ने नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए कमिटी तैयार की है जिसमें शामिल इन पांचों संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया है। इन संतों को न सिर्फ राज्यमंत्री का दर्जा बल्कि इस पद से जुड़ी सभी तरह की सुविधाएं भी इन संतों को दी जाएगी। इस बारे में पंडित योगेंद्र महंत ने मीडिया को बताया कि सरकार का फैसला समर्थन योज्ञ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने समाज में जन-जागृति फैलाने के लिए हमें कमिटी का सदस्य बनाया है। शिवराज सरकार में मत्री बने हरिहरनंद महाराज भी नर्मदा आंदोलन से जुड़े रहे हैं। कहा जा रहा है कि कांग्रेस लीडर दिग्विजय सिंह की नर्मदा यात्रा की काट के लिए शिवराज सिंह चौहान ने यह कदम उठाया है। 

सामान्य प्रशासन विभाग से मिली जानकारी के मुताविक मध्यप्रदेश में अब मंत्रियों और मंत्री दर्जा प्राप्त लोगों की संख्या 151 हो गई है। अभी कुछ दिन पहले राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त एक व्यक्ति पर युवती से छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज हुआ था इसलिए उनसे मंत्री दर्जा वापस ले लिया गया है। शिवराज मंत्रिमंडल में उनके अलावा कुल 31 मंत्री हैं जिनमें 20 कैबिनेट और 11 राज्यमंत्री हैं। अभी दो जगह खाली हैं जिन्हें जल्दी भरे जाने की अटकलें चल रही हैं। 

जिन बाबाओं को शिवराज ने राज्यमंत्री का दर्जा दिया है उनमें भय्यू जी महाराज की पहचान एक राजनीतिक संत के तौर पर होती है। उनका असली नाम उदय सिंह देशमुख है। वह प्रदेश के शाजापुर जिले के मूल निवासी हैं। इंदौर में उनका एक भव्य आश्रम है। उनके पहले ससुर महाराष्ट्र के बड़े कांग्रेस नेता हैं। एक जमाने में इंदौर के उनका आश्रम नेताओं का सबसे सिद्ध स्थान माना जाता था। महाराष्ट्र में कई सामाजिक संगठन चला रहे हैं। पिछले दिनों वह तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने अपनी जान को खतरा होने की बात कही थी। कांग्रेसियों के प्रिय 'संतÓ को शिवराज द्वारा मंत्री दर्जा दिया जाना नर्मदा के प्रति उनके समर्पण का प्रमाण बताया जा रहा है। 

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