Wednesday, December 19,2018     ई पेपर
ब्रेकिंग न्यूज़
राष्ट्रीय

भारत नेपाल संबंधों को नई ऊँचाई देंगे, तीन गेमचेंजर फैसले

Publish Date: April 07 2018 07:48:51pm

नयी दिल्ली(उत्तम हिन्दू न्यूज): भारत एवं नेपाल ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को समानता, आपसी विश्वास, सम्मान एवं परस्पर लाभ के आधार पर नयी ऊंचाई तक ले जाने का संकल्प जताया और अपनी विकास साझेदारी में आज तीन नये 'गेमचेंजर' आयाम जोडऩे का एलान किया। भारत यात्रा पर आये नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ आज यहां हैदराबाद हाउस में हुई प्रतिनिधिमंडल की बैठक में दोनों देशों के बहुमुखी संबंधों के समस्त आयामों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दोनों देश जन-केन्द्रित विजऩ, विकास के साझा लक्ष्य और दोनों देशों की जनता की सुख-शांति एवं समृद्धि की आशाओं और अपेक्षाओं को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।

उन्होंने दोनों सरकारों, जनता एवं निजी क्षेत्रों के बीच बढ़ती साझीदारी का स्वागत किया। उन्होंने भारत एवं नेपाल के बीच साझा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक जुड़ाव पर आधारित घनिष्ठ एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों को रेखांकित करते हुए महसूस किया कि इन संबंधों को मज़बूत बनाने के लिए नियमित उच्चस्तरीय राजनीतिक आदान प्रदान ज़रूरी है। ओली ने मोदी को तथा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को नेपाली राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी की ओर से नेपाल आने का निमंत्रण दिया। ओली अपनी पत्नी राधिका शाक्य, अनेक मंत्रियों, सांसदों एवं कारोबारियों के बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत की तीन दिन की यात्रा पर कल यहां आये हैं। बैठक में गृह मंत्री राजनाथ सिंह, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ला, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विजय गोखले, नेपाल में भारत के राजदूत मंजीव पुरी और अन्य अधिकारियों ने शिरकत की। 

बैठक के बाद दोनों नेताओं ने मोतिहारी (बिहार) से अमलेखगंज (नेपाल) के बीच गैस पाइपलाइन परियोजना का शिलान्यास किया और बीरगंज में एकीकृत जांच चौकी का उद्घाटन किया। ओली ने अपने प्रेस वक्तव्य में कहा कि नेपाल में राजनीतिक संघर्ष का दौर समाप्त हो गया है और देश विकास के एक नये युग में प्रवेश कर रहा है। ऐसे समय में वह अपने पड़ोसी और मित्र देशों से समर्थन एवं सहयोग चाहता है। उन्होंने चुनाव के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की नेपाल की यात्रा की सराहना की। मोदी ने भी भरोसा दिलाया कि नेपाल के आर्थिक विकास और समृद्धि के प्रयासों में भारत आगे भी उनके साथ पूरी तरह सहयोग करता रहेगा। हमेशा की तरह यह सहयोग भविष्य में भी नेपाल सरकार द्वारा निर्धारित प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के आधार पर होगा। उन्होंने कहा कि रामायण और बौद्ध सर्किट के विकास, कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि जन-केन्द्रित क्षेत्रों में भी हम सहयोग बढ़ायेंगे। इससे हमारे दोनों देशों के बीच पारम्परिक सम्बन्ध और प्रगाढ़ होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आज जो ऐतिहासिक पहल की गई है, उससे दोनों देशों के विकास के हमारे विजऩ को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

बाद में विदेश मंत्रालय में गोखले ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भारत और नेपाल के बीच तीन नये आयाम आज जुड़े हैं जो गेमचेंजर हैं। रक्सौल से काठमांडू के बीच रेल लाइन, नदियों के माध्यम से राष्ट्रीय जलमार्ग की कनेक्टिविटी और नेपाल में कृषि क्षेत्र में सहयोग की साझेदारी के इन तीन आयामों पर विदेश मंत्रालय ने अलग-अलग संयुक्त बयान जारी किये। गौरतलब है कि ओली कल सुबह उत्तराखंड के पंतनगर में डॉ. गोविंद वल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भी जाएंगे जहां उन्हें डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि प्रदान की जाएगी।

गोखले ने संवाददाताओं के सवालों के जवाब में बताया कि बैठक में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के बारे में भी चर्चा हुई। नेपाल ने बिम्सटेक की बैठक की मेज़बानी करने की पेशकश की और बीबीआईएन की बैठक के एजेंडे के क्रियान्वयन पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि नेपाली पक्ष ने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ (दक्षेस) की बैठक के आयोजन का मसला भी उठाया जिस पर भारतीय पक्ष ने उन्हें बताया कि आतंकवाद को पोषित करने की राज्य की नीति के कारण भारत पाकिस्तान में इस बैठक में भाग लेने का इच्छुक नहीं था और स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने बताया कि विमुद्रीकरण या नोटबंदी के कारण नेपाल की कथित समस्याओं के बारे में बैठक में किसी भी पक्ष ने चर्चा नहीं की। इसी प्रकार से चीन के बेल्ट एंड रोड पहल के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि नेपाली पक्ष ने नयी पारेषण लाइनें बिछाने, ऊर्जा बैंकिंग और विद्युत खरीद फरोख्त समझौते को जल्द से जल्द अमल में लाने को कहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने माना कि नेपाल के वाणिज्य एवं उद्योग सचिव ने भारतीय वाणिज्य सचिव के समक्ष व्यापार असंतुलन का मुद्दा उठाया और इसमें धीमी गति को बढ़ाने पर बल दिया। गोखले ने बताया कि मोदी ने ओली के नेपाल आने के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है और वह इसी साल यानी 2018 में नेपाल जाएंगे। 

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 7400043000 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें। फेसबुक-टिवटर पर हमसे जुड़ने के लिए www.fb.com/uttamhindu/ आैर www.twitter.com/DailyUttamHindu पर क्लिक करें आैर पेज को लाइक करें।


बेस प्राइज एक करोड़ में ही बिके युवराज सिंह, पहली बार मुंबई के लिए खेलेंगे 

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : एक समय में अपनी शानदार बल्ले...

दिलीप कुमार को धमकाने वाला बिल्डर जेल से छूटा, सायरा बानो ने पीएम मोदी से फिर मांगी मदद

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज) : अपने जमाने के मशहूर एक्टर दिलीप ...

top