Wednesday, December 19,2018     ई पेपर
ब्रेकिंग न्यूज़
राष्ट्रीय

जज लोया मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर कांग्रेस ने खड़े किए कई सवाल

Publish Date: April 19 2018 03:47:35pm

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : जज लोया की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा सुनाए गए फैसले पर कांग्रेस पार्टी ने सवाल खड़े किए हैं। मामले पर कांग्रेस पार्टी ने बाकायदा संवाददाता सम्मेलन बुलाकर कहा कि इस मामले में कई सवाल ऐसे हैं जो अनसुलझे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि जज लोया की मौत के बाद दो और जज साथियों की भी मौत हुई थी। इस मामले में कई तरह के आरोप सामने आए। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। 

सुरजेवाला ने कहा कि आज का दिन काफी दुखद है, जज लोया की मौत का जांच मामला काफी गंभीर था। उन्होंने कहा कि वो सोहराबुद्दीन मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें अमित शाह का नाम आया था। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद भी कई तरह के सवाल बाकी हैं। उन्होंने कई तरह के सवाल उठाए। सुरजेवाला ने कहा कि सोहराबुद्दीन और प्रजापति के केस को 2012 में जजों का ट्रांसफर किया गया था। जज उत्पत का भी ट्रांसफर कर दिया गया था। जज लोया को 100 करोड़ रुपए की रिश्वत, एक फ्लैट देने की पेशकश की गई थी। जज लोया की मौत का हार्ट अटैक से मौत बताया गया था लेकिन ईसीजी की रिपोर्ट में ऐसा कुछ भी नजऱ आया। 

उन्होंने कहा कि नागपुर में उनकी सुरक्षा को हटा दिया गया था। जज लोया मुंबई से नागपुर ट्रेन के जरिए गए थे। जज लोया के नागपुर रेलभवन में रुकने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। जिस गेस्ट हाउस में जज लोया रुके हुए थे, वहां कई कमरे खाली थे लेकिन तीन जज उसी कमरे में ही क्यों रुके हुए थे। यह सवाल भी बेहद गंभीर है। परिवार को जज लोया के कपड़ों में गर्दन के पास खून मिला था। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में उनका नाम गलत लिखा गया था और जज लोया की मौत के बाद दो अन्य जजों की भी मौत हुई जिस पर भी कई तरह के सवाल हैं। इस प्रकार इन सवालों के जवाब के लिए जांच तो होनी चाहिए और इसके लिए स्वतंत्र एजेंसी की जरूरत है क्योंकि जो आरोपी हैं उनके कब्जे में सरकार है और वे मामले को प्रभावित कर रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि भारत के लोगों को जवाब चाहिए। जांच से ही सब कुछ स्पष्ट हो पाएगा लेकिन जज लोया के मामले में अब तक जांच नहीं हुई है। कोई तय नहीं कर सकता कि मौत प्राकृतिक है या नहीं। क्या केवल जजों के बयान के आधार पर अन्य दस्तावेज और संदिग्ध परिस्थितियों को दरकिनार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जजों ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान नहीं दिया, पुलिस को दिया बयान अदालत में मान्य नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच से ही संदेह से पर्दा हट सकता है। जज लोया के मामले को सुप्रीम कोर्ट के जजों ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया। 
 

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 7400043000 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें। फेसबुक-टिवटर पर हमसे जुड़ने के लिए www.fb.com/uttamhindu/ आैर www.twitter.com/DailyUttamHindu पर क्लिक करें आैर पेज को लाइक करें।


महिला क्रिकेट टीम के कोच के लिए कर्स्टन, पवार, गिब्स के नाम शॉर्टलिस्ट

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज): भारत की पुरुष टीम को 2011 में विश...

रिलीज से पहले विवादों में कंगना की फिल्म, इस एक्टर ने निर्माताओं पर लगाए आरोप

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज) : अगले साल 25 जनवरी को रिलीज होने ...

top