Sunday, December 16,2018     ई पेपर
ब्रेकिंग न्यूज़
राष्ट्रीय

CPM में महासंग्राम, कांग्रेस के साथ गठबंधन का फैसला अब चुनाव से 

Publish Date: April 20 2018 04:28:12pm

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में मार्कवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (सीपीएम), कांग्रेस से गठबंधन करेगी या नहीं, इस सवाल पर पार्टी दो धड़ों में विभाजित नजर आ रही है। सूत्रों की मानें तो इस समस्या को लेकर सीपीएम में प्रकाश करात बनाम सीताराम येचुरी की जंग तेज हो गई है। इस जंग के बहाने सीपीएम में पड़ रही फूट भी अब धीरे-धीरे सामने आने लगी है। लंबे समय तक चली माथापच्ची के बाद भी सीपीएम के राजनीतिक प्रस्ताव के मसौदे को लेकर पार्टी अब तक किसी भी फैसले पर नहीं पहुंच पाई है। अब इस बात की उम्मीद बढ़ गई है कि पार्टी में कांग्रेस के साथ चुनाव लडऩे का फैसला वोटिंग के माध्यम से ही तय की जाएगी। 

सूत्रों के मुताबिक पार्टी की केंद्रीय कमेटी पूर्व सचिव प्रकाश करात के साथ है जबकि पार्टी कांग्रेस सीताराम येचुरी के साथ। येचुरी को भले ही मसौदा पेश करने का मौका नहीं मिला लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपना मत पार्टी के सामने रख दिया है। हालांकि उनका यह मत जनवरी महीने में ही खारिज हो चुका था। जानकारी के मुताबिक पार्टी कांग्रेस की बैठक में शामिल 786 सदस्यों में से 390 से ज्यादा सदस्यों ने सीताराम येचुरी का समर्थन किया है। यह सभी सदस्य कांग्रेस से गठबंधन के पक्ष में हैं।

पार्टी के भीतरखाने से खबर है कि पश्चिम बंगाल के कुछ सदस्य इस मुद्दे पर वोटिंग के जरिए फैसला कराना चाहते हैं। यह भी उम्मीद की जा रही है कि अगर वोटिंग से फैसला हुआ तो निर्णय सीताराम येचुरी के पक्ष में आ सकता है। इधर महाराष्ट्र सीपीआई के सदस्यों ने भी इस मामले पर वोटिंग कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर पार्टी में किसी भी तरह का विवाद हुआ तो उसका फायदा सीधे बीजेपी को होगा।

अब इस इस मामले पर आखिरी फैसला पार्टी की स्क्रिनींग कमेटी को लेना है। इस कमेटी में पोलित ब्यूरो के 16 सदस्य हैं। इधर प्रकाश करात धड़े का कहना है कि अगर 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी-आरएसएस को हराना है तो किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन किये बीना ही उन्हें मैदान में उतरना होगा। इस धड़े का मानना है कि पार्टी ने कभी भी किसी भी दल को सीधे अपना समर्थन नहीं दिया है।

बता दें कि विगत दिनों त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में दोनों केन्द्रीय नेताओं के बीच इस बात को लेकर जबदस्त गतिरोध उत्पन्न हो गया था। जहां एक ओर येचुरी कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के पक्ष में हैं वहीं दूसरी ओर प्रकाश करात कांग्रेस के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं हैं। प्रकाश गुट का केन्द्रीय समिति में दबदबा बताया जा रहा है। येचुरी के बारे में जानकारों की राय है कि वे विद्वान तो हैं लेकिन संगठन पर उनकी पकड़ कम है। सीपीएम पॉलित ब्यूरो में येचुरी के समर्थकों की संख्या कम है जबकि करात के समर्थक ज्यादा हैं। इसलिए येचुरी लगातार चाह कर भी कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। 

जानकारों की मानें तो इस मुद्दे को लेकर यदि चुनाव हुआ तो येचुरी कमजोर पड़ेंगे। अंततोगत्वा करात का खेमा ही जीतेगा। केरल की पूरी टीम करात के साथ खड़ी है। विगत दिनों केरल अधिवेशन में भी इसकी आहट सुनाई दी। कुल मिलाकर यदि करात का खेमा जीतता है तो यह येचुरी के लिए खतरनाक होगा तब येचुरी नैतिकता के आधार पर पार्टी के महासचिव पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं। 

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 7400043000 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें। फेसबुक-टिवटर पर हमसे जुड़ने के लिए www.fb.com/uttamhindu/ आैर www.twitter.com/DailyUttamHindu पर क्लिक करें आैर पेज को लाइक करें।


Aus vs Ind: विराट कोहली ने रचा इतिहास, 25वां टेस्ट शतक जड़ तेंदुलकर को पीछे छोड़ा

पर्थ (उत्तम हिन्दू न्यूज): भारतीय कप्तान विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 25 शतक बना...

#MeToo की चिंगारी भड़काने वाली तनुश्री लौटेंगी अमेरिका, अपने बारे में किया बड़ा खुलासा 

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज) : भारत में मीटू की चिंगारी भड़काने...

top