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रेप केस में सजा-ए-मौत, कोर्ट ने अध्यादेश पर उठाए सवाल  

Publish Date: April 23 2018 08:59:46pm

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : दिल्ली हाईकोर्ट ने केन्द्र सरकार के सामने धर्म-संकट की स्थिति पैदा कर दी है। न्यायालय ने बच्चियों से रेप की वारदात रोकने और दोषियों को कड़ी सजा देने के मकसद से 12 साल तक के मासूमों से रेप के दोषियों को मौत की सजा दिए जाने के प्रावधान पर कड़ी टिप्पणी की है। लिहाजा हाईकोर्ट ने सरकार की ओर से लिए गए कड़े फैसलों को लेकर कई सवाल खड़े किए गए हैं। केंद्र सरकार के फैसले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी की है। अपनी टिप्पणी में न्यायालय ने कहा है कि हाल फिलहाल में हुए होहल्ले और शोर मचाने (कठुआ और उन्नाव) पर केंद्र ने कानून में संशोधन तो कर दिया, लेकिन उसके लिए न तो कोई रिसर्च की गई और न ही किसी तरह का अध्ययन। 

कोर्ट ने सवाल खड़ा किया कि कानून में संशोधन तो कर दिया गया, लेकिन बलात्कार पीडि़ता की मदद के लिए इस कानून में कुछ भी नहीं है। कम उम्र के किशोरों, जो बलात्कार के आरोपी हैं, उनको शिक्षित करने के लिए भी कुछ नहीं किया जा रहा। कोर्ट के द्वारा की गयी इस टिप्पणी को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाईकोर्ट की एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल की यह टिप्पणी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने सीधे सवाल उठाया है कि सिर्फ कानून में संशोधन से बलात्कार की घटनाओं में कोई कमी नहीं आएगी। 

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी मधु किश्वर की उस याचिका पर की है जिसमें उन्होंने मांग रखी थी कि निर्भया कांड के बाद 2013 में कानून में जो संशोधन किए गए हैं, वो बेहद सख्त हैं और कई बार गलत तरीके से फंसाए गए व्यक्ति की जिंदगी खराब कर देता है। इससे पहले केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में क्रिमिनल लॉ (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस-2018 पर मुहर लगने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी बिना देर किए इस पर मुहर लगा दी। राष्ट्रपति की ओर से मंजूरी मिलते ही यह कानून बना गया है। अब 12 साल तक के मासूमों से रेप के दोषियों को मौत की सजा मिलेगी। कैबिनेट ने प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस यानी पीओसीएसओ एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव किया था।

आपको बता दें कि हाल में संशोधित कानून में बेहद गंभीर बदलाव किए गए हैं। हाल में घटी घटनाओं के बाद मोदी सरकार ने रेप के आरोपियों को कड़ी सजा देने के लिए अध्यादेश लाने को मंजूरी दे दी। इसमें 12 साल की कम उम्र की बच्ची से रेप के दोषी को मौत की सजा और 12 साल से अधिक और 16 साल से कम उम्र की लड़कियों से रेप पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया। इसके अलावा ऐसे मामलों की जल्द से जल्द सुनवाई करने का भी प्रावधान किया गया।

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