Thursday, December 13,2018     ई पेपर
ब्रेकिंग न्यूज़
राष्ट्रीय

बिहार बोर्ड के रिजल्ट में होगी देरी, जानिए कारण

Publish Date: April 30 2018 02:47:35pm

पटना (उत्तम हिन्दू न्यूज) : बिहार बोर्ड की परीक्षा तो कब की हो चुकी लेकिन उसके रिजल्ट में देरी हाने की पूरी संभावना जताई जा रही है। इस बात को लेकर स्थानीय अभिभावक बहुत परेशान है। परेशान होना स्वाभाविक है। रिजल्ट के कारण बच्चों का अच्छे जगह नामांकन नहीं हो पाता है। बिहार के ज्यादातर बच्चे मैट्रिक बोर्ड के बाद ही तैयारी में जुट जाते हैं इसलिए वे कई जगह जाते हैं। इस रिजल्ट की देरे के कारण अब उन्हें कई प्रकार की समस्या का सामना करना होगा। 

इधर बिहार बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि मैट्रिक की उत्तर पुस्तिका में फिर एक बार बारकोड चिपकाने में गलती हुई है। गणित की उत्तर पुस्तिका पर विज्ञान का बारकोड तो समाज विज्ञान की उत्तर पुस्तिका पर गणित के बारकोड लगा दिये गये हैं। एक जिला की उत्तर पुस्तिका दूसरे जिले में मिल गई है। आब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव के ओएमआर आपस में बदल गए हैं। अब जब रिजल्ट तैयार होने का समय हुआ तो रिजल्ट प्रोसेसिंग कर रही एजेंसी ने यह जानकारी बोडज़् प्रशासन को दी है। अब फिर बोडज़् ने इसकी सुधार मैनुअल करवाना शुरू किया है। अब सुधार के बाद ही रिजल्ट घोषित किया जा सकेगा।  पहले कहा जा रहा था कि 12 मई को रिजल्ट जारी होगा लेकिन अब रिजल्ट आने में और देरी हो सकती है।

ज्ञात हो कि बोर्ड ने जिस एजेंसी को बारकोड और स्कैनिंग करने का काम सौंपा था, उस एजेंसी ने फिर इस बार गड़बड़ी कर दी है। 2017 की तरह उत्तर पुस्तिका पर बार कोड गलत चिपका दिया गया। वहीं स्कैंनिंग में भी मिक्स कर दिया गया है।  बार कोड विषयवार होता है। ताकि ओरएमआर की पहचान की जा सके। अब सारे बार कोड नंबर को हर परीक्षाथीज़् के रौल नंबर और रौल कोड से मिलाया जा रहा है। इस काम के लिए बोर्ड ने 38 टीम तैयार की है। हर टीम में एक से लेकर तीन कर्मचारी शामिल हैं। 

पहली बार बिहार बोडज़् ने फरवरी में ही मैट्रिक की परीक्षा ली थी। इसके पीछे का उद्देश्य जल्द से जल्द रिजल्ट देना था। इसके अलावा कंप्यूटर पर अधिक से अधिक रिजल्ट तैयार हो सके, इसके लिए 50 फीसदी वस्तुनिष्ठ प्रश्न थे। सब्जेक्टिव प्रश्न के लिए भी प्रशिक्षकों का ओएमआर पर ही अंक देने की व्यवस्था की गयी थी। जिससे मैनुअल टोटलिंग के काम में अधिक समय न लगे। सारा काम कंप्यूटर के माध्यम से ही हो। लेकिन जब बारकोडिंग सेंटर पर ही गड़बड़ी हो गयी तो कंप्यूटर क्या करेगा। 

बार कोड केंद्र पर फिर गलती होने से रिजल्ट में देरी होगी। अगर बार कोड की गड़बड़ी नहीं होती तो अब तक रिजल्ट तैयार हो जाता। लेकिन अब जब सारे रोल नंबर का विषयवार बारकोड मिलान नहीं होगा, तब तक रिजल्ट तैयार नहीं हो पायेगा। मिलान करने में लगे सभी कमज़्चारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि मिलान करने में गड़बड़ी हुई तो इसकी पूरी जिम्मेवारी संबंधित कर्मचारियों की होगी। हर टीम को एक-एक जिले का काम दिया गया है। 
 

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 7400063000 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें। फेसबुक-टिवटर पर हमसे जुड़ने के लिए www.fb.com/uttamhindu/ आैर www.twitter.com/DailyUttamHindu पर क्लिक करें आैर पेज को लाइक करें।


IND vs AUS: पर्थ टेस्ट के लिए 13 सदस्यीय भारतीय टीम का ऐलान, अश्विन और रोहित बाहर

पर्थ (उत्तम हिन्दू न्यूज): भारत के स्टार ऑफ स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन और बल्लेबाज रोह...

शादी के बंधन में बंधे ईशा अंबानी और आनंद पीरामल, देखें तस्वीरें

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): जाने माने बिजनेसमैन मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी ने आनं...

top