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मोदी ने दिया जनकपुर के विकास के लिए सौ करोड़ का तोहफा

Publish Date: May 11 2018 05:20:12pm

जनकपुर (उत्तम हिन्दू न्यूज): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल के विकास के लिए परंपरा, व्यापार, पर्यटन, प्रौद्योगिकी और परिवहन के पांच ‘टी’ के फॉर्मूले पर भारत की सहायता का आज विश्वास दिलाया तथा जनकपुर एवं आसपास के क्षेत्र में तीर्थाटन सुविधाअों के विकास के लिए सौ करोड़ रुपये देने की आज घोषणा की।

मोदी ने नेपाल की दो दिन की यात्रा की शुरुआत में जनकपुर में एक नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत दशकों से नेपाल का एक स्थायी विकास साझेदार है। नेपाल हमारी ‘पड़ोसी पहले’ नीति में सबसे पहले आता है। इतिहास साक्षी रहा है, जब-जब एक-दूसरे पर संकट आए, भारत और नेपाल दोनों मिलकर खड़े हुए हैं। हमने हर मुश्किल घड़ी में एक दूसरे का साथ दिया है। उन्होंने कहा कि हम दोनों देश हाइवे, आईवे, ट्रांसवे, रेलवे, इनलैंड वाटरवेज़, कस्टम चेकपोस्ट और हवाई सेवा से जुडेंगे। उन्होंने उम्मीद जतायी कि इस यात्रा के दौरान होने वाले समझौतों से समृद्ध नेपाल और खुशहाल भारत के संकल्प को साकार करने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि भारत नेपाल के साथ कनेक्टिविटी को बढ़ावा दे रहा है। जल, थल एवं नभ, आपस में जुड़ जाएं और जनता के बीच संबंध फलें फूलें, यही कामना है। उन्होंने कहा कि जयनगर जनकपुर रेलवे लाइन का काम इसी साल पूरा हो जाने की आशा है। जलमार्ग से जुड़कर नेपाल पूरी दुनिया से जुड़ जाएगा और इससे नेपाल के उद्याेगों को लाभ होगा। कारोबार के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने गत माह कृषि क्षेत्र में नयी साझीदारी की घोषणा का भी उल्लेख किया अौर कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रयोग से इसे आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने कहा, पिछले महीने हमने कृषि क्षेत्र में एक नयी साझेदारी की घोषणा की है। इसके तहत कृषि के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। दोनों देशों के किसानों की आमदनी कैसे बढ़ाई जाए इस पर ध्यान दिया जाएगा। खेती के क्षेत्र में साइंस और टेक्नॉलॉजी के इस्तेमाल में सहयोग बढ़ाया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, मैं जब ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करता हूं, तो सिर्फ़ भारत के लिए ही नहीं, सभी पड़ोसी देशों के लिए भी मेरी यही कामना होती है। और जब नेपाल में ‘समृद्ध नेपाल, सुखी नेपाली’ की बात होती है, तो मेरा मन भी हर्षित होता है। सवा सौ करोड़ भारतवासियों को भी ख़ुशी होती है।

मोदी ने कहा कि नेपाल को पांच ‘टी’ के विकास में भारत सहयोग देकर आगे ले जाना चाहता है। पंरपरा, व्यापार, पर्यटन, प्रौद्याेगिकी एवं परिवहन के क्षेत्र में सहयोग से नेपाल तेजी से विकास करेगा। 

उन्होंने कहा कि भारत में स्वदेश दर्शन के नाम से चल रही योजना में रामायण से जुड़े आस्था के स्थानों को जोड़ा जा रहा है। इसमें नेपाल के स्थानों को भी जोड़ा जाएगा जिससे श्रद्धालुओं को सस्ती एवं आकर्षक यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसी क्रम में रामायण सर्किट के बाद बौद्ध सर्किट एवं जैन सर्किट में नेपाल में स्थित बौद्ध एवं जैन आस्था केन्द्रों को जोड़ने की भी घोषणा की और कहा कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और नेपाल में समृद्धि आएगी। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि हर साल अवध से विवाह पंचमी के मौके पर हजारों लोग जनकपुर आते हैं। जनकपुर एवं आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए सौ करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। वैसे तो मिथिला ने देश को बहुत कुछ दिया है पर यह तो माता जानकी के चरणों में समर्पित भेंट है।

उन्होंने मैथिली सिनेमा के विकास के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मैथिली भाषा के बारे में कहा कि भारत नेपाल संबंध किसी परिभाषा से नहीं बल्कि भाषा से बंधे हैं। ये भाषा आस्था की है, ये भाषा अपनेपन की है, ये भाषा रोटी की है और ये भाषा बेटी की है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को मिल कर मैथिली के विकास में योगदान देना चाहिए। भारत में नेपाली भाषा को संविधान में मान्यता दी गयी है और नेपाली साहित्य के अनुवाद को प्राथमिकता दी गयी है। उन्होंने जनकपुर क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाये जाने के लिए जनकपुर के महापौर की सराहना की।

मोदी ने कहा, आज मैंने मां जानकी का दर्शन किया, कल मुक्तिनाथ धाम और फिर पशुपतिनाथ जी का आशीर्वाद लेने भी जाऊंगा। मुझे विश्वास है कि देव आशीर्वाद और आप जनता के आशीष से जो भी समझौते होंगे वो समृद्ध नेपाल और खुशहाल भारत के संकल्प को साकार करने में सहायक होंगे।

उन्होंने कहा, विकास की पहली शर्त होती है लोकतंत्र। यह खुशी की बात है कि लोकतांत्रिक प्रणाली को आप मजबूती दे रहे हैं। हाल में ही आपके यहां चुनाव हुए। आपने एक नई सरकार चुनी है। अपनी आशाओं आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए आपने जनादेश दिया है। एक वर्ष के भीतर तीन स्तर पर चुनाव सफलतापूर्वक कराने के लिए आपको बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

उन्होंने कहा कि नेपाल के इतिहास में पहली बार नेपाल के सभी सात प्रांतों में प्रांतीय सरकारें बनी हैं। ये न केवल नेपाल के लिए गर्व का विषय है बल्कि भारत और इस संपूर्ण क्षेत्र के लिए भी एक गर्व का विषय है। नेपाल सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के एक नये चरण में प्रवेश कर रहा है जो सुशासन और समावेशी विकास पर आधारित है। उन्होंने कहा, “दस साल पहले नेपाल के नौजवानों ने बुलेट छोड़कर बैलेट का रास्ता चुना। युद्ध से बुद्ध तक के इस सार्थक परिवर्तन के लिए भी मैं नेपाल के लोगों को बधाई देता हूं।

मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य एक और कड़ी है जो भारत और नेपाल के प्राचीन संबंधों को मजबूती देती है। लोकतंत्र वह शक्ति है जो सामान्य से सामान्य जन को बेरोकटोक अपने सपने पूरे करने का अधिकार देता है। भारत ने इस शक्ति को महसूस किया है और आज भारत का हर नागरिक अपने सपनों को पूरा करने में जुटा है।

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