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विवादित धर्मगुरु जाकिर नाईक को झटका, कोर्ट ने खारिज की याचिका 

Publish Date: June 20 2018 05:50:59pm

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज) : बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस्लामिक धर्मगुरु एवं अहले हदीश फिरके के समर्थक जाकिर नाईक को झटका देते हुए बुधवार को उनकी याचिका खारिज कर दिया। इरअसल, नायक ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के द्वारा दाखिल आरोप-पत्र के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। उन्होंने अपनी याचिका में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के आरोप-पत्र को चुनौती देते हुए कहा था कि एनआईए के द्वारा दाखिल आरोप-पत्र में तथ्यों का आभाव है। इस याचिका को माननीय न्यायालय ने आज खारिज कर दिया। 

यही नहीं नाईक ने अदालत से यह भी अपील की थी कि उनके पासपोर्ट के निलंबन को रद्द कर दिया जाए। न्यायालय ने यह भी करने से मना कर दिया। इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने साफ-साफ कहा कि चूकि नायक ने एनआईए को जांच में सहयोग नहीं किया है इसलिए उनकी याचिका पर कोई सुनवाई नहीं की जाएगी। जांच एजेंसी एनआईए ने जाकिर नाईक पर आतंक फैलाने और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोप लगाए हैं। जिसके तहत एजेंसी ने इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की अपील की थी, ताकि उसे गिरफ्तार कर जांच के लिए भारत लाया जा सके।

कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, याचिका में मांगी गयी अन्य राहतों के संदर्भ में हमें यह नजर नहीं आता कि यह अदालत कैसे इन बिन्दुओं पर विचार कर सकती है जबकि याचिकाकर्ता जांच एजेंसियों के सामने पेश ही नहीं हुआ। हाई कोर्ट ने कहा कि आदर्श स्थिति तो यह है कि नाईक को भारत आना चाहिए था और जांच एजेंसियों के सामने पेश होना चाहिए, अगर वह ऐसा करते तो बात इतनी आगे नहीं बढ़ती। याचिकाकताज़् की गैरहाजिरी में हम कैसे ऐसी याचिकाओं पर विचार कर सकते हैं।

आपको बता दें कि जाकिर मूल रूप से मुंबई का रहने वाला हैं और इस्लाम धर्म का प्रचार करते हैं। जाकिर दुनिया के सबसे कट्टर माने जाने वाले इस्लामी फिरके अहले हदीस के साथ जुड़े हुए हैं। इसका मुख्य केन्द्र सऊदी अरब है। मसलन जाकिर नाइक मुस्लिम धर्मगुरु, राइटर और स्पीकर है। वे इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष भी है। जाकिर के इस्लामिक फाउंडेशन को भारत और विदेशों से जकात के तौर पर भरपूर दान मिलता है। फेसबुक पर जाकिर के 1 करोड़ 14 लाख फॉलोअर हैं। नाइक पर यूके, कनाडा, मलेशिया समेत 5 देशों में बैन है।

1 जुलाई 2016 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका के रेस्टोरेंट में हुए आतंकी हमले में शामिल आतंकी जाकिर नाइक के भाषणों से प्रेरित थे। इस आतंकी हमले के बाद से जाकिर और उसका एनजीओ विवादों में आ गया था। इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर आरोप है कि वह विदेशों से मिले चंदे का इस्तेमाल धर्मांतरण कराने और आतंकवाद को फैलाने में करता है। यह बात भी सामने आई कि आईएसआईएस में शामिल होने गए मुंबई के चार छात्र भी जाकिर नाइक को फॉलो करते थे। आरोपों में घिरने के बाद गृह मंत्रालय ने उसके एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर पांच साल का बैन लगा दिया। 
 

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