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खुलासा : चीन बना रहा है दलाई लामा को मारने की योजना, बढ़ाई गयी सुरक्षा 

Publish Date: June 23 2018 01:41:47pm

शिमला (उत्तम हिन्दू न्यूज) : हालिया खुफिया इनपुट के आधार पर तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा की सुरक्षा में व्यापक परिवर्तन का निर्णय किया गया है। फिलहाल उनकी सुरक्षा को लेकर मंथन चल रहा है लेकिन कुछ परिर्वन के संकेत साफ दिखने लगे हैं। मसलन तिब्बत से नेपाल के रास्ते भारत आने वाले तिब्बती अब बिना अधिकारिक दस्तावेजों के तिब्बतियों के अध्यात्मिक नेता दलाई लामा से नहीं मिल पाएंगे। इसके लिए भारत सरकार ने बकायदा एक एडवाइजरी जारी की है। जिस पर हिमाचल पुलिस ने अमल करना शुरू कर दिया है। आपको बता दें कि दलाई लामा हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रहते हैं व भारतीय विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय के साथ उनकी सुरक्षा को मॉनिटर करता है। 

नियमों के अनुसार, ऐसे बौद्ध भिक्षुओं को दिल्ली, धर्मशाला या काठमांडू में तिब्बती रिसेप्शन सेंटर पर सूचित कर पंजीयन कराना जरूरी होता है लेकिन पहचान उजागर होने के डर से वे पंजीयन नहीं कराते और तब भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पसो पेश में पड़ जाती हैं। इसका दलाई लामा की सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए भारत सरकार ऐसे बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए भारत आने के दरवाजे बंद करने का कदम उठाया है। जानकार सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सरकार को एक खुफिया जानकारी हाथ लगी है जिसमें बताया गया है कि दलाई लामा को मारने के लिए चीन बौद्ध भिक्षु के रूप में आत्मघाती भेज सकता है। इसी इनपुट के आधार पर दलाई लामा की सुरक्षा को चाक-चौबंद किया जा रहा है। 

बताया जा रहा है कि तिब्बत की निर्वासित सरकार को अपने सूत्रों से कुछ इनपुट मिले हैं कि चीन के इशारे पर दलाई लामा पर जानलेवा फिदाइन हमला हो सकता है। इसके लिए चीन कुछ लोगों को बौद्ध भिक्षु के भेष में भारत भेजने की फिराक में है। इन खुफिया इनपुट्स को भारत सरकार के साथ साझा किया गया है व इसके बाद अब दलाई लामा की सुरक्षा में बदलाव करने पर मंथन चल रहा है। इस मामले में कांगड़ा के एसपी संतोष पटियाल ने माना कि इस तरह की एडवाइजरी जारी हुई है। उन्होंने कहा कि बिना पुख्ता पहचान दिखाए कोई भी तिब्बती, धर्मगुरु से नहीं मिल सकता है। पहचान के पूरे दस्तावेज दिखाने के बाद ही लोगों को दलाई लामा से मिलने दिया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर ऐसा किया गया है।

आपको बता दें कि भारतीय सुरक्षा एजेंसी के अलावे तिब्बत की निर्वासित सरकार का सुरक्षा घेरा भी दलाई लामी की सुरक्षा में होता है। इसके साथ ही हिमाचल पुलिस के डीएसपी स्तर के अधिकारी दलाई लामा की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। अब नए प्रारूप के तहत दलाई लामा के प्रवचन को सुनने चीन से पर्याप्त दस्तावेजों के बिना भारत आने वाले बौद्ध भिक्षुओं के लिए दरवाजे बंद कर दिए गए हैं। यह इसलिए किया जा रहा है ताकि तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की सुरक्षा को कोई खतरा न हो। इस बाबत तिब्बत की निर्वासित सरकार को भी भारत सरकार ने अवगत करा दिया है।

पिछले लम्बे समय से तिब्बती धर्मगुरू भारत में रह रहे हैं। जहां तिब्बती आकर धर्मगुरू दलाईलामा से मिल रहे थे। इन्हें नेपाल में निर्वासित तिब्बत सरकार के दफ्तर से भारत में आने की अनुमति मिलती थी। तिब्बत से भागकर आने वाले अमूमन तिब्बतियों के पास पहचान के पुख्ता दस्तावेज नहीं होते हैं। मसलन, पासपोर्ट आदि दस्तावेज इनके पास नहीं होते। मसले की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी कर बिना पहचान वाले तिब्बतियों पर दलाईलामा से मिलने पर रोक लगा दी है।

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