Thursday, December 13,2018     ई पेपर
ब्रेकिंग न्यूज़
राष्ट्रीय

समलैंगिकता अपराध या नहीं, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ा

Publish Date: July 11 2018 02:24:31pm

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): केंद्र सरकार ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय में हलफनामा पेश करके कहा कि उसका समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से हटाने को लेकर कोई रुख नहीं है और इससे संबंधित फैसला वह न्यायालय पर छोड़ती है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से हटाने से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई कर रही है।

न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति इंदू मल्होत्रा भी इस पीठ का हिस्सा हैं।

न्यायालय में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे एडिशनल सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने तीन पृष्ठों का हलफनामा पेश करके कहा कि केंद्र सरकार का धारा 377 की संवैधानिकता से संबंधित मामले में कोई रुख नहीं है और उसने इसका फैसला न्यायालय पर छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि अब यह माननीय न्यायालय पर है कि वह इस संबंध में निर्णय ले।

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 7400063000 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें। फेसबुक-टिवटर पर हमसे जुड़ने के लिए www.fb.com/uttamhindu/ आैर www.twitter.com/DailyUttamHindu पर क्लिक करें आैर पेज को लाइक करें।


IND vs AUS: पर्थ टेस्ट के लिए 13 सदस्यीय भारतीय टीम का ऐलान, अश्विन और रोहित बाहर

पर्थ (उत्तम हिन्दू न्यूज): भारत के स्टार ऑफ स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन और बल्लेबाज रोह...

शादी के बंधन में बंधे ईशा अंबानी और आनंद पीरामल, देखें तस्वीरें

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): जाने माने बिजनेसमैन मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी ने आनं...

top