Sunday, December 16,2018     ई पेपर
ब्रेकिंग न्यूज़
राष्ट्रीय

ड्रोन से होम डिलिवरी के लिए करना होगा इंतजार

Publish Date: July 15 2018 10:15:34am

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): ड्रोन से सामान की होम डिलिवरी के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि इसके नागरिक इस्तेमाल की अनुमति देने से पहले सरकार किसी अवांछित स्थिति में ड्रोन को निष्क्रिय करने की प्रणाली पर काम कर रही है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ड्रोन के नागरिक इस्तेमाल की अनुमति देने के लिए पिछले साल एक नवंबर को इसके लिए नियमों का प्रारूप जारी किया था। उस समय कहा गया था कि जनवरी 2018 तक नियमों को अंतिम रूप दे दिया जायेगा और उसके बाद इनका नागरिक इस्तेमाल शुरू हो सकेगा। लेकिन, अनियंत्रित तथा अवांछित ड्रोन को निष्क्रिय करने के लिए सॉफ्टवेयर विकसित नहीं हो पाने के कारण अब तक इसकी अनुमति नहीं दी गयी है।
 
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने बताया कि अभी इसके लिए सॉफ्टवेयर विकसित करने का काम चल रहा है। जैसे ही यह प्रौद्योगिकी विकसित हो जायेगी, अंतिम नियम जारी कर दिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि नियमों का अंतिम स्वरूप तैयार है। 
ड्रोन को नियंत्रण कक्ष में बैठकर नियंत्रित किया जायेगा। ऐसे में किसी ड्रोन के नियंत्रण से बाहर चले जाने पर उसे निष्क्रिय करना जरूरी होगा ताकि कोई दुर्घटना न हो। आतंकवादियों तथा अन्य अवांछित तत्वों द्वारा ड्रोन को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने से रोकने के लिए भी यह प्रौद्योगिकी जरूरी है। 

सिन्हा ड्रोन के नागरिक इस्तेमाल को बढ़ावा देने और इस प्रौद्योगिकी के विकास को रफ्तार प्रदान करने के लिए बने 13 सदस्यीय कार्यबल के अध्यक्ष भी हैं। इस कार्यबल का गठन अप्रैल में किया गया था। इससे पहले नवंबर में नियमों का मसौदा जारी करने के बाद सरकार ने ड्रोन के इस्तेमाल तथा प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न पक्षों के साथ बैठकें की थीं। दिल्ली के रोहणी हेलिपोर्ट पर ड्रोन से जुड़ी प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन भी किया जा चुका है।

नागरिक इस्तेमाल की अनुमति मिल जाने के बाद अनमैंड एयरक्राफ्ट सिस्टम (यूएएस) यानी ड्रोन का प्रयोग कृषि कार्यों, तेल एवं गैस क्षेत्र, अनुसंधान, फोटोग्राफी, सामान की डिलिवरी और यहाँ तक कि एयर रिक्शा के लिए भी किया जा सकेगा। 

प्रारूप नियमों के अनुसार, ड्रोन को वजन के हिसाब से पाँच श्रेणियों में रखा जायेगा। ढाई सौ ग्राम तक के ड्रोन नैनो, 250 ग्राम से ज्यादा और दो किलोग्राम तक के माइक्रो, दो किलोग्राम से 25 किलोग्राम तक के मिनी, 25 किलोग्राम से 150 किलोग्राम तक के स्मॉल और 150 किलोग्राम से ज्यादा वजन वाले लार्ज श्रेणी में होंगे। हर श्रेणी के ड्रोन के परिचालन एवं पंजीकरण के नियम अलग-अलग होंगे। 

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 7400043000 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें। फेसबुक-टिवटर पर हमसे जुड़ने के लिए www.fb.com/uttamhindu/ आैर www.twitter.com/DailyUttamHindu पर क्लिक करें आैर पेज को लाइक करें।


Aus vs Ind: विराट कोहली ने रचा इतिहास, 25वां टेस्ट शतक जड़ तेंदुलकर को पीछे छोड़ा

पर्थ (उत्तम हिन्दू न्यूज): भारतीय कप्तान विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 25 शतक बना...

#MeToo की चिंगारी भड़काने वाली तनुश्री लौटेंगी अमेरिका, अपने बारे में किया बड़ा खुलासा 

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज) : भारत में मीटू की चिंगारी भड़काने...

top