Wednesday, December 12,2018     ई पेपर
ब्रेकिंग न्यूज़
राष्ट्रीय

लोकसभा में बाल शिक्षा विधेयक पारित, बच्चों को फेल नहीं करने की नीति में संशोधन

Publish Date: July 18 2018 07:46:18pm

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) लोकसभा ने आज नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2017 को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी जिसमें आठवीं कक्षा तक फेल नहीं करने की नीति में संशोधन करने की बात कही गई है। हालांकि बच्चों को कक्षा में रोकने या नहीं रोकने का अधिकार राज्यों को दिया गया है।

विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, यह महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक विधेयक है और इससे स्कूलों, खासकर सरकारी विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से परीक्षा के साथ जवाबदेही आयेगी, शिक्षा और सीखने को बढ़ावा मिलेगा, पढऩे और पढ़ाने को प्रोत्साहन मिलेगा और अंतत: सबको शिक्षा, अच्छी शिक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि नये संशोधन विधेयक में कक्षा में अनुत्तीर्ण होने की स्थिति में बच्चों को कक्षा में रोकने या नहीं रोकने का अधिकार राज्यों को दिया गया है। उन्होंने कहा कि 2009 के विधेयक में पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को फेल होने पर भी कक्षा में नहीं रोकने का प्रावधान था। इससे परीक्षा का महत्व ही कम हो गया था और शिक्षा के स्तर में गिरावट आ रही थी। अब पांचवी और आठवीं कक्षा के स्तर पर परीक्षा लेने की बात कही गई है। हालांकि जिन राज्यों को ऐसा करना है, वे करेंगे और जिनको बदलाव नहीं करना है, वे नहीं करेंगे।

जावड़ेकर ने कहा कि परीक्षा लेने के बारे में राज्य तय करेंगे कि उन्हें किस स्तर पर परीक्षा लेनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र को स्कूल से नहीं निकाला जा सकेगा। जावड़ेकर ने कहा कि 22 राज्यों ने इस प्रावधान को बदलने की सिफारिश की। कई सर्वेक्षणों में भी पता चला कि बच्चों को अपनी वतज़्मान कक्षा से कम कक्षा के विषयों की ही जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह विधेयक किसी छात्र को उसी कक्षा में रोकने के लिए नहीं है। 

नये संशोधन के तहत पांचवीं और आठवीं कक्षा की मार्च में होने वाली पहली परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने वाले विद्याथिज़्यों को मई में दूसरी बार परीक्षा का अवसर मिलेगा। दूसरी बार भी फेल होने पर ही बच्चे को उसी कक्षा में रोका जा सकेगा। मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु और केरल समेत कुछ राज्य पुराने प्रावधान को ही चाहते थे। इसलिए हमने विधेयक में प्रावधान रखा है कि बच्चों को कक्षा में रोकने या नहीं रोकने का अधिकार राज्यों को होगा।
 

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 7400063000 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें। फेसबुक-टिवटर पर हमसे जुड़ने के लिए www.fb.com/uttamhindu/ आैर www.twitter.com/DailyUttamHindu पर क्लिक करें आैर पेज को लाइक करें।


पीवी सिंधू की धमाकेदार शुरुआत, पूर्व चैंपियन यामागुची को दी मात

गुआंगझू (उत्तम हिन्दू न्यूज): भारत की स्टार महिला शटलर पीवी स...

अमिताभ और सलमान भी बनेंगे कपिल शर्मा की शादी का हिस्सा, आज रात होंगी रस्में

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज): मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा आज प्रेमी गिन्नी संग विवाह के बंधन म...

top