Wednesday, December 12,2018     ई पेपर
ब्रेकिंग न्यूज़
राष्ट्रीय

सरकार ने माना-पुलिस हिरासत में हुई रकबर की मौत, राजस्थान में फिर मॉब लिंचिंग

Publish Date: July 24 2018 08:02:44pm

अलवर (उत्तम हिन्दू न्यूज): राजस्थान के गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने अलवर जिले में गौ तस्करी के शक में भीड़ के मारपीट करने से रकबर की मौत मामले में आज न्यायिक जांच के आदेश दिये हैं। कटारिया जिले के रामगढ़ स्थित ललावंडी गांव में घटनास्थल पर पहुंचे और जायजा लिया। प्रथम दृष्टया पुलिस की लापरवाही मानते हुए उन्होंने न्यायिक जांच के आदेश दिये हैं। उधर, राजस्थान के अमरपुरा गांव में मॉब लिंचिंग की घटना सामने आई है। 

कटारिया ने आज वहां उस जगह को देखा जहां रकबर वाली वारदात घटित हुई और अधिकारियों से जानकारी ली कि किस तरह रकबर को पकड़ा था और किस तरह गाड़ी में बैठाकर ले गए थे। उन्होंने घटनास्थल से रवाना होने के बाद रामगढ़ थाने का दौरा किया और सीधे सर्किट हाउस पहुंचे सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि पुलिस हिरासत में गौ तस्करी के आरोपी रकबर उर्फ अकबर की मौत हुई है। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि पुलिस ने उसके साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि जो तीन घंटे का समय था उसमें स्थानीय पुलिस की लापरवाही रही है और यहां के उपस्थित पुलिसकर्मियों को पहली प्राथमिकता घायल को अस्पताल में पहुंचाने की होनी चाहिए लेकिन पुलिसकर्मियों ने पहले गायों को गौशाला भिजवाया। उसके बाद उस घायल को अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया।

उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच के लिए अलवर पुलिस ने एक पत्र लिखा है और इसकी न्यायिक जांच एसीजेएम स्तर पर न्यायिक अधिकारी से कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक स्तर पर पीडि़त परिवार को करीब सवा लाख रुपये की सहायता दी जायेगी और जिला स्तर पर विधिक सहायता समिति द्वारा जो भी अनुशंसा होगी, राज सरकार उसके आधार पर सहायता उपलब्ध करायेगी। साथ ही मानवाधिकार आयोग द्वारा भी जो सरकार से अनुशंसा की जायेगी वह पीडि़त परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि पीडि़त परिवार के परिजन भी उनसे मिले हैं और पुलिस की कार्रवाई से संतुष्टि जाहिर की है। पुलिस हिरासत में मौत पर सारा थाना लाइन हाजिर करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में मौत भले ही हुई और लेकिन उसके साथ पुलिस द्वारा मारपीट नहीं की गई और उन्होंने कहा कि वह स्वयं स्वीकार कर रहे है कि पुलिस की गलती रही है, पहले घायल को अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मामले में 23 जुलाई को उच्च स्तरीय कमेटी को भेजा गया था उनकी भी जो भी जांच आएगी उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है जो भी इसमें दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए गत सोमवार को पुलिस की जांच टीम ने चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है। उधर, राजस्थान के अमरपुरा गांव में मॉब लिंचिंग की घटना सामने आई है। यहां दो युवकों को चोर समझकर गांव के लोगों ने पकड़ा और फिर उनकी जमकर धुनाई कर दी। खेतो में दोनों युवकों को संदिग्ध हालत में देखा, उन्हें पकड़ लिया और फिर उन्हें अमरपुरा बस स्टैंड पर लाया गया। दोनों युवकों को पकडने के बाद बड़ी तादाद में गांव के लोग ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए। इस दौरान वहां मौजूद एक दो पुलिसकर्मी भीड़ से जूझते रहे, लेकिन भीड़ ने उनको अनसुना कर दिया। बाद में भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने बड़ी मुश्किल से मारपीट करने वालों के हाथों से युवकों को छुड़ाया।  
 

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 7400063000 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें। फेसबुक-टिवटर पर हमसे जुड़ने के लिए www.fb.com/uttamhindu/ आैर www.twitter.com/DailyUttamHindu पर क्लिक करें आैर पेज को लाइक करें।


पीवी सिंधू की धमाकेदार शुरुआत, पूर्व चैंपियन यामागुची को दी मात

गुआंगझू (उत्तम हिन्दू न्यूज): भारत की स्टार महिला शटलर पीवी स...

Kapil Sharma Wedding: बारात लेकर कपिल शर्मा पहुंचे क्लब कबाना

जालंधर (उत्तम हिन्दू न्यूज): कॉमेडियन कपिल शर्मा गिन्नी संग विवाह रचाने के लिए बारात के सा...

top