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5 राज्यों में बारिश और बाढ़ का कहर, 465 लोगों की मौत-दिल्ली में यमुना खतरे से पार

Publish Date: July 28 2018 07:55:55pm

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): बारिश और बाढ़ ने देश के 5 राज्यों में जहां जमकर तबाही मचाई है वहीं इस 465 लोगों की जिंदगी इस तबाही की भेंट चढ़ गई। गृह मंत्रालय के नैशनल इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर के अनुसार बाढ़ और बारिश के चलते महाराष्ट्र में 138, केरल में 125, पश्चिम बंगाल में 116, गुजरात में 52 और असम में 34 लोगों की मौत हुई है। भारी बारिश से कई जिले प्रभावित हुई हैं। इनमें महाराष्ट्र के 26, पश्चिम बंगाल में 22, असम में 21, केरल में 14 और गुजरात में 10 जिले शामिल हैं। वहीं दो दिनों से हो रही बारिश और हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से दिल्ली में शनिवार को यमुना नदी का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर गया। बैराज से छह लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से दिल्ली में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बाढ़ के खतरे की आशंका को देखते हुए आपात बैठक बुलाई है। श्री केजरीवाल ने ट्वीट के कहा कि हरियाणा ने पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ा है। इसे देखते हुए विचार-विमर्श के लिए आपात बैठक बुलाई गई है। दिल्ली के बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार लोहे के पुल पर शाम सात बजे यमुना नदी का जल स्तर 205.30 मीटर हो गया है जो खतरे के निशान 204.83 मीटर से 0.47 मीटर अधिक है। विभाग के अनुसार हथिनी कुंड बैरोज से पानी लगातार छोड़ा जा रहा है और आज रात नौ-10 बजे के बीच जल स्तर और बढक़र 205.40 मीटर तक पहुंच सकता है। विभाग का कहना है कि पानी की मात्रा को देखते हुए यमुना के जल में और बढ़ोतरी हो सकती हैं। विभाग ने बताया कि हथिनी कुंड बैराज से छह लाख पांच हजार 949 क्यूसेक से पानी छोड़ा गया है। इस पानी को दिल्ली पहुंचने में 48 से 72 घंटे का समय लगता है। पूरा पानी आ जाने पर जल स्तर में वृद्धि की आशंका बनी हुई है।

नदी में बढ़ते जल स्तर को देखते एहतियातन किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है। नदी क्षेत्र में स्थित कुछ गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। उत्तर पूर्वी दिल्ली में नदी के किनारे बसे न्यू उस्मानपुर, गढ़ी मांडू और सोनिया विहार से लोगों को हटाकर वहीं पास में सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। पानी में वृद्धि को देखते हुए निचले इलाके में रहने वाले लोग स्वयं भी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। हथिनी कुंड बैराज दिल्ली से 200 किलोमीटर दूर हरियाणा के यमुना नगर में है। यमुनानगर से मिली जानकारी के अनुसार वहां से छह लाख पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। यह पानी यमुनानगर, करनाल और पानीपत होते हुए दिल्ली पहुंचेगा। पूरा पानी दिल्ली पहुंचने पर बाढ़ की आशंका उत्पन्न हो गई है। कई वर्षों बाद हथिनी कुंड से इतना अधिक पानी यमुना में दिल्ली की तरफ छोड़ा गया है। दिल्ली सरकार का बाढ़ नियंत्रण विभाग सतर्क है और यमुना के किनारे बसे लोगों को हटाने का काम जोरों पर किया जा रहा है। पूर्वी जिले के एसडीएम अरुण गुप्ता ने बताया कि लोगों से ऊपरी स्थानों पर जाने की अपील की गई है। बाढ़ नियंत्रण विभाग ने कई स्थानों पर प्रभावितों के रहने के लिए टेंट का इंतजाम किया है।


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