Monday, December 10,2018     ई पेपर
ब्रेकिंग न्यूज़
राष्ट्रीय

कांग्रेस के अखबार में आए सर्वे से भाजपा में खुशी की लहर

Publish Date: July 31 2018 12:44:14pm

भोपाल(उत्तम हिन्दू न्यूज)- कांग्रेस के मुखपत्र कहे जाने वाले अखबार 'नेशनल हेराल्ड' में प्रकाशित एक सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश में पार्टी के बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ गठबंधन के बिना किसी सूरत में सरकार नहीं बना सकने के दावे ने प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जहां एक बार फिर खुश होने का मौका दे दिया है, वहीं कांग्रेस ने इससे पल्ला झाड़ लिया है। 

हालांकि भाजपा का दावा है कि कांग्रेस और बसपा के बीच कागजों पर गठबंधन होने की स्थिति में भी जमीनी स्तर पर गठबंधन की गुंजाइश बेहद कम है और लगातार चौथी बार प्रदेश में 'कमल का फूल' ही अपना साम्राज्य स्थापित करेगा। भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने इस बारे में यूनीवार्ता से कहा कि दोनों दल भाजपा के खिलाफ कागजों पर गठबंधन कर भी लें तो जमीनी स्तर पर कैसे समन्वय स्थापित करेंगे, ये गठबंधन कांग्रेस और बसपा दोनों के लिए आत्मघाती साबित होगा।

उन्होंने दावा किया कि सर्वे में दोनों दलों के गठबंधन के बाद भी भाजपा की ही सीटों की संख्या ज्यादा है, अगली बार भी प्रदेश में भाजपा की ही सरकार बनने वाली है। दूसरी ओर कांग्रेस ने इस सर्वेक्षण से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया है। पार्टी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि ये सर्वेक्षण एक निजी संस्था ने किया है और इसका अखबार से कोई लेना-देना नहीं है। इस प्रकार के 'टेबल्ड सर्वे' की वैज्ञानिकता भी संदेह के घेरे में है। कांग्रेस के मुखपत्र कहे जाने वाले अखबार में पार्टी के लिए मुश्किल पैदा कर रहे एक सर्वेक्षण के छपने संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी निष्पक्षता में विश्वास रखती है और यह पार्टी का आंतरिक लोकतंत्र है कि वह अपने खिलाफ छपने वाली चीजों को भी जगह दे रहा है।

अखबार नेशनल हेराल्ड में एक संस्था 'स्पिक मीडिया' द्वारा कराए गए एक सर्वे के आधार पर कहा गया है कि मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अगर बसपा से गठबंधन नहीं किया तो पार्टी भाजपा की राह किसी भी हाल में मुश्किल नहीं कर पाएगी। सर्वे का दावा है कि कांग्रेस-बसपा गठबंधन नहीं होने की स्थिति में भाजपा को कुल विधानसभा सीटों 230 में से 147, कांग्रेस को 73 और अन्य बसपा आदि दलों को जाएंगी। अगर दोनों दल गठबंधन कर लेते हैं तो भाजपा की सीटें घट कर 126 रह जाएंगी और गठबंधन के खाते में 103 सीटें जाएंगी। 
अखबार ने दावा किया है कि जून से मध्य जुलाई के बीच किया गया यह सर्वे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के माथे पर चिंता की लकीरें खींच सकता है क्योंकि विधानसभा चुनाव में महज चार ही महीने शेष हैं और प्रदेश में कांग्रेस और बसपा के बीच सीटों की भागीदारी पर बातचीत के दौर जारी हैं। 

अखबार ने यह भी लिखा है कि यह सर्वे कांग्रेस के लिए भी खतरे की घंटी है क्योंकि मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ बेहद ऊंचा है और अगर मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव अौर देश में लोकसभा चुनाव एक साथ होते हैं तो कांग्रेस को पिछले 15 साल से भाजपा की झोली में रहे इस प्रदेश में वापसी के लिए तिगुनी से भी ज्यादा मेहनत करनी होगी। मध्यप्रदेश में इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रदेश में दिसंबर, 2003 से लगातार भाजपा की सरकार है। इसके पहले वर्ष 1993 से 2003 तक दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी।  

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 7400063000 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें। फेसबुक-टिवटर पर हमसे जुड़ने के लिए www.fb.com/uttamhindu/ आैर www.twitter.com/DailyUttamHindu पर क्लिक करें आैर पेज को लाइक करें।


एडिलेड टेस्ट : एडिलेड में 15 साल बाद जीत के करीब पहुंचा भारत

एडिलेड (उत्तम हिन्दू न्यूज): भारतीय गेंदबाजों रविचंद्रन अश्वि...

'गोपी बहू' गिरफ्तार, हीरा व्यापारी की हत्या में शामिल होने का आरोप 

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज) : एक हीरा व्यापारी की हत्‍या के सि...

top