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जोर-शोर से हो रहा है राष्ट्रीय ध्वज का निर्माण

Publish Date: August 02 2018 10:48:25am

हुबली(उत्तम हिन्दू न्यूज)- हर वर्ष 15 अगस्त को मनाये जाने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में महज दो सप्ताह का समय बचा है लकिन इसके लिए कर्नाटक खादी एवं ग्रामोद्योग संयुक्त संघ फेडरेशन (केकेजीएसएसएफ) में राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। केकेजीएसएसएफ तिरंगा झंडा बनाने वाली देश में एक मात्र संस्था है। 

फेडरेशन के सचिव शिवानंद एस मतापति ने यूनीवार्ता को बताया कि केकेजीएसएसएफ भारतीय मानक ब्योर के मापदंड के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज बनाने वाला, केंद्र तथा राज्य सरकार के अलावा देशभर के निजी संगठनों को आपूर्ति करने वाला एक मात्र केंद्र है। केकेजीएसएसएफ काफी मात्रा में राष्ट्रीय ध्वज का निर्माण और पूरे देश में आपर्ति करता है। यह भारत में राष्ट्रीय ध्वज बनाने का अधिकृत केंद्र है। उन्होंने बताया कि फेडरेशन वर्ष 2005-06 से 13.30 करोड़ मू्ल्य के 2.66 लाख राष्ट्रीय ध्वज का निर्माण कर चुका है जिसमें से 12.94 करोड़ मूल्य के 2.47 के ध्वज बेचे जा चुके हैं। इस वर्ष तीन करोड़ रुपये मूल्य के राष्ट्रीय ध्वजों का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है।

फेडरेशन पूरे साल राष्ट्रीय ध्वजों का निर्माण करता है और 150 से अधिक व्यक्ति जिसमें मुख्य रूप से महिलाएं शामिल रहती है इसका निर्माण करते हैं। राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण से संबंधित कार्य जैसे अशोक चक्र की छपाई, सिलाई, रंग, लौह, काटने और पूर्ण रूप देने का काम इन विशेषज्ञों द्वारा सही विनिर्देशों के अनुसार किया जाता है। यह रूचि रखने वाले संगठनों के ऑर्डर के अनुसार विभिन्न तरीकों से और मुख्य रूप से सड़क मार्ग से राष्ट्रीय झंडों को भेजता है। उन्होंने बताया बेंडीगेरी ध्वजों का क्रिकेट मैच के दौरान अधिक मांग होती है और सरकार द्वारा प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाए जाने के कारण स्टेडियमों में खादी के ध्वजों की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। 

मतापति ने कहा कि केकेजीएसएसएफ विभिन्न आकार के ध्वजों का निर्माण करता है। छोटे पॉकेट वाले ध्वज की कीमत दो रुपये और 21 फीट बाई 14 फीट के आकार वाले ध्वाज की की 17,800 रुपये है। उन्होंने बताया कि ध्वज निर्माण की प्रक्रिया बालाकोट में स्थित केकेजी एसएसएफ की इकाई से खादी के कपड़ों और अन्य कच्चे सामानों के संग्रह से शुरू होती है। हम सामानोें को फेडरेशन की अपनी इकाइयों से ही मंगवाते हैं। उन्होंने बताया कि फेडरेशन कपड़ों, बिस्तर के चादर तथा घर एवं दफ्तरों में उपयोग होने वाले अन्य खादी के उत्पादों का भी निर्माण करता है। उन्होंने बताया कि श्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जॉकेट की बिक्री में काफी बढ़ोतरी हुई है। 

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