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1984 सिख दंगे : राहुल गांधी की कांग्रेस को क्लीन चिट, भडक़े सुखबीर बादल

Publish Date: August 25 2018 05:39:28pm

लंदन (उत्तम हिन्दू न्यूज): कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए जनसंहार को बेहद दुखद त्रासदी करार देते हुए कहा कि वह इस हिंसा में शामिल लोगों को सजा दिए जाने को पूर्ण समर्थन देंगे।
ब्रिटेन की यात्रा पर आये गांधी से हाउस आफ कामंस परिसर में भारत एवं विश्व परिचर्चा कार्यक्रम में 1984 के सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस पार्टी की ‘ संलिप्तता’ के बारे में सवाल पूछा गया था, जिसका उत्तर देते हुए उन्होंने कहा, यह घटना ‘बेहद पीड़ादायक त्रासदी’ थी और वह इस बात से सहमत नहीं है कि कांग्रेस इसमें ‘शामिल’ थी।

गांधी ने कहा, मेरा मानना है कि किसी के खिलाफ की गयी कोई भी हिंसा को उचित नहीं ठहराया जा सकता। इस मामले में कानूनी प्रक्रियाएं चल रही हैं और जहां तक मेरा मानना है उस समय हुई किसी भी गलती के लिए सजा मिलनी चाहिए. मैं इसमें पूरी तरह से शत प्रतिशत समर्थन दूंगा। गांधी की हत्या के बाद हुए इन दंगों में 3000 हजार से अधिक सिख मारे गए थे और दिल्ली में स्थिति बहुत भयावह थी। एक अन्य कार्यक्रम में दिल्ली में सिख दंगों पर पूछे गए सवाल पर गांधी ने कहा, जब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस संबंध में कहा तो वह हम सबकी तरफ से बोले, मैं पहले भी कह चुका हूं मैं हिंसा का पीडि़त हूं और इसका दंश मैं जानता हूं। गांधी 1991 में उनके पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की लिट्टे द्वारा की गयी हत्या का उल्लेख कर रहे थे। उन्होंने कहा, मैं इस धरा पर किसी के विरुद्ध किसी भी तरह की हिंसा के खिलाफ हूं., किसी को आहत होते देखने पर मैं परेशान हो जाता हूं और इसलिए मैं हिंसा की शत प्रतिशत निंदा करता हूं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जिन लोगों का हिंसा से सामना नहीं हुआ है, उन्हें तो यही महसूस होता है कि हिंसा वही है जो फिल्मों में मारधाड़ में दिखते हैं।

उधर, राहुल के इस बयान की शिरोमणि अकाली दल (शिअद) अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इससे राहुल उस अमानवीय और कायराना कृत्य के ‘भागीदार‘ बन गये हैं। चंडीगढ़ में पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बादल ने कहा कि अब यह जरूरी हो गया है कि राहुल गांधी 1984 के नरसंहार में संलिप्त अपराधियों का उन पर क्या दबाव है और क्या बर्लिन में यह बयान उन्होंने इनके दबाव में ही दिया है। बादल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह दंगों को लेकर माफी मांग चुके हैं, सोनिया गांधी अफसोस व्यक्त कर चुकी हैं ऐसे में राहुल के बयान का क्या तुक है। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने राहुल को मार्च 2014 में दिये उनके ही उस साक्षात्कार की भी याद दिलाई जिसमें उन्होंने डॉ़ सिंह तथा श्रीमती गांधी की भावनाओं से सहमति जताई थी तो अब वह क्यों मुकर रहे हैं। बादल ने कहा कि क्या यह जगदीश टायटलर और सज्जन कुमार को संकेत देने की कोशिश है कि उन्हें अगर जेल जाना पड़े तो वह गांधी परिवार के बारे में चुप्पी साधें।

उधर, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल के मुताबिक, अगर सिख नरसंहार हुआ ही नहीं था तो मैं कहती हूं कि उनके पिता और उनकी दादी की हत्या नहीं हुई बल्कि उनकी मौत सामान्य हार्ट हटैक से हुई थी

 

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