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PM मोदी ने केरल से शुरू की मन की बात, अटल बिहारी वाजपेयी को किया याद 

Publish Date: August 26 2018 12:04:45pm

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बातÓ के जरिए एक बार फिर देशवासियों से के साथ अपने विचार साझा किए। आपको बता दें कि 'मन की बातÓ कार्यक्रम का यह 47वां संस्करण है। पीएम मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम केरल बाढ़ पीडि़तों से शुरू की। उन्होंने कहा कि आपदाएं अपने पीछे जिस प्रकार की बर्बादी छोड़ जाती हैं, वह दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन आपदाओं के समय मानवता के भी दर्शन हमें देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि कच्छ से कामरूप और कश्मीर से कन्याकुमारी तक हर कोई अपने-अपने स्तर पर कुछ-न-कुछ कर रहा है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियो! कठिन परिश्रम करने वाले यह हमारे किसानों के लिए मानसून नयी उम्मीदें लेकर आता है। भीषण गर्मी से झुलसते पेड़-पौधे, सूखे जलाशयों को राहत देता है लेकिन कभी-कभी यह अतिवृष्टि और विनाशकारी बाढ़ भी लाता है। जैसे जीवन में गुरु का महत्व समझाने के लिए कहा गया है-कोई गुरु अपने शिष्य को एक भी अक्षर का ज्ञान देता है तो पूरी पृथ्वी में ऐसी कोई वस्तु या धन नहीं, जिससे शिष्य अपने गुरु का वह ऋण उतार सके। उन्होंने कहा कि हर भाषा का अपना माहात्व होता है। भारत इस बात का गर्व करता है कि तमिल भाषा विश्व की सबसे पुरानी भाषा है और हम सभी भारतीय इस बात पर भी गर्व करते हैं कि वेदकाल से वर्तमान तक संस्कृत भाषा ने भी ज्ञान के प्रचार-प्रसार में बड़ी भूमिका निभाई है।

पीएम मोदी ने अंत में कहा, 'मन की बातÓ में मिलते रहेंगे, मन की बातें करते रहेंगे और अपने मन से देश को आगे बढ़ाने में भी हम जुटते रहेंगे। इसी एक भावना के साथ आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। धन्यवाद! फिर मिलेंगे!

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने 11 बजे अपने मन की बात कार्यक्रम की शुरुआत की। पीएम मोदी ने कहा, आने वाले 15 सितंबर को एक इंजीनियर्स डे के तौर पर मनाया जाता है। जब हम स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं तो हमें भविष्य के लिए भी सोचना चाहिए आजकल प्राकृतिक आपदाओं से विश्व जूझ रहा है। ऐसे में स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग का नया रूप क्या हो? कंस्ट्रक्शन निर्माण इको-फ्रेंडली कैसे हो? ऐसी अनेक बातें हमें ज़रूर सोचनी चाहिए।

इस बार के मन की बात में उन्होंने कहा कि संसद का ये मानसून सत्र सामाजिक न्याय और युवाओं के कल्याण के सत्र के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। बलात्कार के दोषियों को देश सहन करने के लिए तैयार नहीं है, इसलिए संसद ने आपराधिक कानून संशोधन विधेयक को पास कर कठोरतम सज़ा का प्रावधान किया है। पीएम मोदी ने कहा, अभी कुछ दिन पहले ही संसद का मॉनसून सत्र समाप्त हुआ है। आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि लोकसभा की उत्पादकता 118 प्रतिशत और राज्यसभा की 74 प्रतिशत रही। लोकसभा ने 21 विधेयक और राज्यसभा ने 14 विधेयकों को पारित किया।

इस बार के मन की बात में पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा, अटल जी ने भारत को जो राजनीतिक संस्कृति दी, उससे भारत को बहुत लाभ हुआ। मैं आज अटल जी के विशाल व्यक्तित्व का एक और पहलू, उसे सिर्फ स्पर्श करना चाहता हूं। संस्कृत दिवस पर भी मोदी ने महत्वपूर्ण बात कही। इस मौके पर उन्होंने संस्कृत भाषा में जवाब दिया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा, हर भाषा का अपना माहात्म्य होता है। भारत इस बात का गर्व करता है कि तमिल भाषा विश्व की सबसे पुरानी भाषा है और हम सभी भारतीय इस बात पर भी गर्व करते हैं कि वेदकाल से वर्तमान तक संस्कृत भाषा ने भी ज्ञान के प्रचार-प्रसार में बड़ी भूमिका निभाई है। 
 

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