Friday, December 14,2018     ई पेपर
ब्रेकिंग न्यूज़
राष्ट्रीय

मालेगांव ब्लास्ट : कर्नल पुरोहित ने ATS पर लगाया टॉर्चर का आरोप, SC में याचिका दाखिल 

Publish Date: August 27 2018 06:03:49pm

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित ने मालेगांव विस्फोट को लेकर 2008 में एटीएस द्वारा कथित रूप से उनके अपहरण और टॉर्चर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी जांच के लिए एक याचिका दायर की है। हालांकि सूचिबद्ध होने के बाद भी आज न्यायालय ने इस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। आपको बता दें कि पुरोहित, जो कि 2008 में मालेगांव में हुए विस्फोट में आरोपी हैं। 

उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि उन्हें महाराष्ट्र एंटी टेरोर्रिम स्कवॉयड (एटीएस) द्वारा टार्चर किया गया था और उनके उपर बयान देने के लिए दवाब बनाया गया था। अपनी याचिका के माध्यम से पुरोहित ने कहा कि, जो कुछ भी उन्होंने कहा था, उन्हें टाचज़्र कर और दबाव बनाकर कहलवाया गया था। यहां बता दें कि 2014 से पुरोहित यह दावा कर रहे हैं कि उनके द्वारा जो कथित तौर पर कबुल किया गया है, वह एटीएस के दवाब में किया गया। इस मामले को न्यायालय के निगरानी में गठित एसआईटी से जांच होनी चाहिए ताकि उन्हें न्याय मिल सके। हालांकि, सूचीबद्ध होने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट के जज ने सोमवार (27 अगस्त) को इस मामले की सुनवाई से इंकार कर दिया।

जानकारी में रहे कि 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के धार्मिक रूप से संवदेनशील इलाके मालेगांव में ब्लास्ट हुआ था। इसमें छह लोग मारे गए थे। इस मामले में महाराष्ट्र एटीएस ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और कर्नल पुरोहित को अरोपी बनाते हुए 4000 पन्नो की चार्जसीट दायर की थी। एक स्पेशल मकोका कोर्ट ने इससे पहले बताया था कि एटीएस ने पुरोहित, ठाकुर और नौ अन्य लोगों को मकोका के तहत गलत तरीके से फंसाया गया था।

अगस्त 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने 2008 के मालेगांव विस्फोट में आरोपी कर्नल पुरोहित को जमानत दे दी थी। करीब नौ साल जेल में रहने के बाद वे जमानत पर बाहर आए। वारदात में अपने शामिल होने से इनकार करते हुए पुरोहित ने अदालत से कहा था कि अगर यह मान भी लिया जाए कि उस पर लगाया गया बम की आपूर्ति करने का आरोप सही है तो भी उसे जेल से बाहर होना चाहिए क्योंकि इस अपराध की भी अधिकतम सजा सात साल है, जो वह पहले ही काट चुके हैं। हालांकि, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जमानत याचिका का विरोध किया था। पुरोहित की अहमियत का पता इसी बात से लगाया जा सकता है कि जेल से निकलने के समय सेना की गाड़ी उन्हें लेने आयी थी।
 

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 7400063000 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें। फेसबुक-टिवटर पर हमसे जुड़ने के लिए www.fb.com/uttamhindu/ आैर www.twitter.com/DailyUttamHindu पर क्लिक करें आैर पेज को लाइक करें।


अंतर-राष्ट्रीय खिलाडी सचिन रत्ती और उनके भाई गगन रत्ती ने कोच जयदीप कोहली के खिलाफ दी पुलिस कंप्लेंट 

सोशल मीडिया पर परिवार को बदनाम करने का लगाया आरोप, अगर मुझे और मेरी पत...

सामने आया नीता अंबानी का 33 साल पुराना Bridal Look, आप भी देखें तस्वीरें

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज): 12 दिंसबर को देश के मशहूर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अ...

top