Tuesday, May 22,2018     ई पेपर
ब्रेकिंग न्यूज़
राजनीति

नवजोत सिद्धू की सियासत

Publish Date: February 03 2018 02:22:29pm

पंजाब की राजनीति में जब से नवजोत सिंह सिद्धू ने कदम रखा है तभी से वह अपने अलग अंदाज और निर्भीक ब्यानों के कारण चर्चा में ही रहे हैं। क्रिकेट और टीवी पर अपनी विशेष पहचान बनाने में सफल रहे राजनीति में भी एक सफल पारी खेल रहे हैं लेकिन फिर भी वह विवादों में घिरे ही दिखाई देते हैं। पिछले दिनों अमृतसर, जालंधर और पटियाला नगर निगमों के मेयरों की नियुक्ति के समय कै. अमरेन्द्र सिंह और कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व में जिस तरह नवजोत सिद्धू की अनदेखी की उससे वह ही नहीं बल्कि उनके समर्थक व चाहने वाले भी दु:खी थे।
कै. सरकार द्वारा की गई अनदेखी के कारण सिद्धू ने अपना दु:ख इस तरह प्रकट किया था, 'सत्य प्रताडि़त हो सकता है, पराजित नहीं। मैंने कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। स्थानीय निकाय मंत्री होने के बावजूद पटियाला, अमृतसर व जालंधर के मेयर के चुनाव के सिलसिले में डेढ़ माह के दौरान हुई किसी भी बैठक, प्रक्रिया या विचार-विमर्श में मुझे शामिल नहीं किया गया। न कोई राय ली गई। इससे मेरी संवेदनाएं गहरे रूप से आहत हुई हैं। अमृतसर में हुई बैठक में शामिल होने के लिए भी मुझे नहीं बुलाया गया, इसलिए मैं नहीं गया।'
सुबह पत्रकारों से बातचीत के दौरान उपरोक्त ब्यान दे चर्चा में आये निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू शाम होते पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में भी शामिल हो गये। उपरोक्त तथ्यों को देखकर सिद्धू की सियासत को समझना कोई मुश्किल नहीं है। सिद्धू मंत्रिमंडल और कांग्रेस में रहते हुए भी घुटन महसूस कर रहे हैं जबकि प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस नेतृत्व सिद्धू पर किसी तरह का अंकुश लगाने में अपने को बेबस महसूस कर रहा है।
अतीत में जायें तो पायेंगे कि नवजोत सिद्धू को किसी समय पंजाब के भावी मुख्यमंत्री के रूप में ही देखा जा रहा था। लेकिन अपनी राजनीतिक अपरिपक्वता तथा भावुकता के कारण नवजोत सिद्धू आज राह से भटकते से दिखाई दे रहे हैं। एक तरफ वह कै. अमरेन्द्र सिंह को बॉस के रूप में स्वीकार करने की बात कह रहे हैं तो दूसरी तरफ बॉस द्वारा लिए निर्णयों का विरोध करते हैं और बॉस विरुद्ध राहुल गांधी के दरबार में भी पेश हो जाते हैं। नगर निगमों के मेयर चुनने के समय जिस तरह नवजोत सिद्धू की अनदेखी हुई वह कोई सामान्य घटना नहीं थी। इसी कारण सिद्धू ने अपना रोष भी सार्वजनिक किया। यथार्थ को स्वीकार करते हुए सिद्धू ने बाद में विरोधी तेवरों को छोड़ दिया।
आज सिद्धू की सियासत शांत दिखाई दे रही है। लेकिन है नहीं, क्योंकि सिद्धू की सियासत केवल मंत्रिपद तक सीमित नहीं है। नवजोत सिद्धू का लक्ष्य पंजाब की सियासत को एक नई दिशा देना है और उसके लिए उसे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनता जर्नादन के दु:ख-सुख में भागीदार बनना होगा। भारतीय दृष्टिकोण से आदमी की सफलता उस द्वारा किए पुरुषार्थ के साथ परमार्थ और प्रार्थना पर निर्भर करती है। नवजोत सिद्धू की पहचान उसके पुरुषार्थ के परिणामस्वरूप ही है। प्रभु प्रति समर्पण और परमार्थ भी उनके जीवन का अभिन्न अंग है। नवजोत सिद्धू अपने आप में एक सफल व्यक्ति है। इतिहास के पन्नों पर उन्होंने अपना नाम सदा के लिए लिख दिया है। लेकिन अभी आसमां और अभी हैं। इन आसमां पर उड़ान भरने के लिए नवजोत सिद्धू को परमात्मा की ओट लेते हुए परमार्थ की राह पर आगे बढऩा होगा। इस राह पर जैसे-जैसे सिद्धू आगे बढ़ेगा वैसे-वैसे सिद्धू का कद पंजाब की सियासत में ही नहीं बल्कि अन्य स्तरों पर भी बढ़ेगा।
आज का सत्य यह है कि पंजाब कांग्रेस में कै. अमरेन्द्र सिंह के बाद जो तीन-चार नाम भावी मुख्यमंत्री के रूप में लिए जाते हैं, उनमें से एक नाम नवजोत सिद्धू का है। पंजाबी हमेशा उस व्यक्ति के प्रति आकर्षित होते हैं या उसी का मान-सम्मान करते हैं जो सत्य को स्वीकार कर संघर्ष की राह पर आगे बढ़ता है। नवजोत सिद्धू के पास सियासत की समझ तो है लेकिन संघर्ष की कमी है। स. प्रकाश सिंह बादल, कै. अमरेन्द्र सिंह या इनसे पहले जितने भी पंजाब के मुख्यमंत्री बने हैं राजनीतिक संघर्ष ने उनकी सफलता बारे एक अहम भूमिका निभाई है।
नवजोत सिद्धू पंजाब की सियासत को अगर नई दिशा देना चाहते हैं तो उसे भी संघर्ष की राह अपनानी होगी। मात्र सत्ता में रहकर सियासी गोटियां फेंकने से एक सीमा तक ही सफलता मिलती है और वह नवजोत सिद्धू को मिल चुकी है। अगर सिद्धू सियासत में सिद्धांतों की लड़ाई को लेकर सत्ता सुख नहीं छोड़ते तो सियासत को जो दिशा वह देना चाहते हैं वह शायद न दे पायें।
समय की मांग है कि नवजोत सिद्धू अपना राजनीतिक लक्ष्य निर्धारित करंे और उसकी प्राप्ति के लिए संघर्ष करें तभी वह पंजाब की सियासत में अपनी स्थाई पहचान बनाने में सफल रहेंगे।


-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू। 

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 9814266688 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें ।


साइना नेहवाल ने पूरा किया खेल मंत्री राठौड़ का चैलेंज, देखें वीडियो

नई दिल्ली (उत्तम हिंदू न्यूज) : फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए ...

जीवन के हर रिश्ते को महत्व देती हैं करीना कपूर

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज) : अभिनेत्री करीना कपूर खान का कहना...

top