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'मैं एक झूठा मुख्यमंत्री हूं'

Publish Date: March 19 2018 07:10:22pm

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा पंजाब के पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक विक्रम सिंह मजीठिया से माफी मांगने के कारण जहां उनकी व्यक्तिगत साख व छवि को बड़ा झटका लगा है वहां पंजाब में 'आपÓ पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पंजाब में आम आदमी पार्टी के संयोजक पद से सांसद भगवंत मान ने केजरीवाल द्वारा मांगी माफी के कारण संयोजक पद से त्यागपत्र दे दिया है। वहीं आम आदमी पार्टी के नेता सुखपाल सिंह खैहरा सहित विधायक संधु सहित कईयों के बागी सुर पार्टी के भीतर उठ रहे रोषनुमा तूफान को ही दर्शा रहे हैं।
एक रिपोर्ट अनुसार केजरीवाल द्वारा उठाए कदम को लेकर विरोधी पक्ष के नेता सुखपाल सिंह खैहरा के नेतृत्व में 13 विधायक दिल्ली नेतृत्व से पीछा छुड़ाने के लिए तैयार हैं तथा गत दिवस चंडीगढ़ में हुई बैठक में उन्होंने अपने कड़़े रुख का प्रदर्शन भी किया। बैठक में गैर-हाजिर पार्टी के वरिष्ठ नेता एच.एस.फूलका ने पंजाब यूनिट के केंद्रीय नेतृत्व गठबंधन को कायम रखते स्वायत्ता के पक्ष में स्टैंड लिया है। पूर्व प्रधान अमन अरोड़ा का कहना है कि वह माफीनामे का विरोध करते हैं तथा इस मामले पर पार्टी पर विचार करने की बजाय अकेले केजरीवाल द्वारा ही फैसला कर लिए जाने के भी विरोधी हैं परन्तु केंद्रीय लीडरशिप के साथ विचार-विमर्श के वे पक्ष में हैं। पटियाला से आम आदमी पार्टी के बागी सांसद डा. धर्मवीर गांधी का कहना है कि पहले कह देना और फिर बाद में अपने ही स्टैंड से पलट जाना यह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का चरित्र है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल गैरजिम्मेदाराना व साजिश वाली राजनीति करते हैं, जो उन्हें शोभा नहीं देती। केजरीवाल ने पहले पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को नशा तस्कर कहा और अब उससे लिखित में माफी मांग रहे हैं। इससे पंजाब में पार्टी के नेताओं की किरकिरी हुई है। वहीं इसका असर 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों पर भी पड़ेगा। डा. गांधी का कहना है कि केजरीवाल को मजीठिया तो क्या किसी के खिलाफ भी गलत ब्यानबाजी नहीं करनी चाहिए, जब तक कि लगे आरोप साबित न हो जाएं। केजरीवाल ने मजीठिया से माफी मांग कर अकालियों को राजनीतिक तौर पर मौका जरूर दिया है। जिस ग्राउंड पर अकालियों को आम आदमी पार्टी ने पूरी तरह धराशायी कर दिया था और वह दोबारा खड़े होने की जद्दोजहद कर रहे थे, केजरीवाल ने उन्हें मौका देकर पार्टी वर्करों और नेताओं को निराश किया है। इससे 2019 के लोकसभा चुनावों में आप को नुकसान होना तय है। डा. गांधी ने कहा कि केजरीवाल ने मजीठिया से माफी मांग कर पंजाब में पार्टी के वालंटियरों से धोखा किया है। वहीं पंजाब की जनता का विश्वास भी तोड़ा है। प्रदेश की जनता इसका सबक जरूर सिखाएगी।
आम आदमी पार्टी के बागी सांसद ने जो कहा है वह उचित है। उसका प्रमाण उन होर्डिंग्स के रूप में सामने आया है जो दिल्ली में भाजपा-अकाली दल विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली में लगाए हैं। राजौरी गार्डन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा-अकाली दल के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने होर्डिंग्स लगाकर केजरीवाल को कठघड़़े में खड़ा किया है। होर्डिंग्स में केजरीवाल के बारे में लिखा गया है कि 'मैं एक झूठा मुख्यमंत्री हूं।' होर्डिंग्स में केजरीवाल का फोटो और उनकी ओर से मजीठिया को लिखा गया पत्र भी छापा गया है। उधर, दिल्ली प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री झूठ बोलने में माहिर हैं। भाजपा व दिल्ली वाले उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन अब उन्होंने खुद भी स्वीकार कर लिया है कि वह सबसे बड़े झूठे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अकाली नेता से तो माफी मांग ली है वह दिल्ली वासियों से माफी कब मांगेंगे।
पंजाब के मुख्यमंत्री कै. अमरिंद सिंह का कहना है कि 'केजरीवाल हमेशा यहां वहा कूदता रहता है। मैं नहीं जानता वो ऐसा क्यों करता है। लेकिन अनुभव की कमी के बावजूद एक मुख्यमंत्री को ऐसा शोभा नहीं देता।Ó कैप्टन अमरिंदर अनुसार कि कोई भी सरकार अकेले कार्य नहीं कर सकती, लेकिन केजरीवाल ने खुद को पूर्णत: अलग-थलग कर लिया है। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी ने सभी राज्यों में अपना आधार पूर्णतया गंवा दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि संभवता केजरीवाल ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनावों की तैयारी करने के लिए ड्रग के आरोपी मजीठिया से माफी मांगी है लेकिन बदले हुए हालात उनके लिए और भी बुरे साबित होंगे। पंजाब में आप के भविष्य पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पार्टी के विधायक पूरी तरह निराशा के आलम में हैं और वह अपने भविष्य को बचाने के लिए बदलाव की ताक में हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पिछले कुछ समय में 'आपÓ पार्टी का ग्राफ काफी नीचे चला गया है और पार्टी के विधायक अपनी लीडरशिप से खफा हैं।
अरविंद केजरीवाल द्वारा मांगी गई माफी के कारण आम आदमी पार्टी पूरी तरह टूटने के कगार पर है और पार्टी का भविष्य भी धूमिल हो गया है लेकिन केजरीवाल अपने पुराने ढंग से अपने फैसले को भी जनता के हित में न कहकर उचित ठहराने का प्रयास कर रहे हैं। पार्टी विधायकों से बातचीत के दौरान केजरीवाल ने कहा कि 'मैं देश की कई अदालतों में चल रहे ऐसे ढाई दर्जन केस वापिस ले रहा हूं, जो केंद्रीय मंत्रियों के बारे में चल रहे हैं या जब मैंने उनके विरुद्ध दायर किए हुए हैं। मैं इन केसों में समय बर्बाद नहीं करना चाहता, क्योंकि इससे जनता का कोई भला नहीं होने वाला है। मुझे पंजाब की जनता से प्यार है व उनके हित प्यारे हैं। इस उद्देश्य को सामने रखकर मैंने मजीठिया के बारे में केस वापिस लेने का फैसला किया है उसे माफी कह लो या फिर कुछ और। मेरी नियत साफ है और मैंने किसी साजिश के अधीन यह कदम नहीं उठाया है।'
अरविंद केजरीवाल माफीनामे में भी जनता हित कह रहे हैं। जबकि सत्य यह है कि जब केजरीवाल ने आरोप लगाए थे तब भी वह अपना राजनीतिक हित देख रहे थे और आज आरोप वापिल लेकर माफी मांग रहे हैं तब भी अपने हित को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। अन्ना हजारे द्वारा शुरू आन्दोलन से लेकर आज तक जो भी कदम उठाए या कार्रवाई की वह अरविंद केजरीवाल ने अपने राजनीतिक हित के लिए ही की है। जनता को भ्रम व भ्रांतियों में डालकर अपना हित साधने में सफल रहे केजरीवाल की स्वार्थ प्रेरित नीति अब जगजाहिर है। केजरीवाल जो भी कह लें अब जनता उनकी बात को गंभीरता से लेने को तैयार नहीं क्योंकि जनता को लगता है कि केजरीवाल स्वार्थ हित के लिए कभी भी झूठ बोल सकते हैं।


इरविन खन्ना, मुख्य संपादक,दैनिक उत्तम हिन्दू।
 

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