Saturday, July 21,2018     ई पेपर
राजनीति

आतंकियों को समर्थन व संरक्षण

Publish Date: March 27 2018 01:02:23pm

पाकिस्तान भारतीय सीमा पर तनाव बनाये रखने के साथ भारत के भीतर भी आतंकियों को समर्थन व संरक्षण दे रहा है। पाक अधिकृत कश्मीर में तो पहले से ही एक नहीं अनेक आतंकी संगठन अपने कैम्प बनाये हुए है। वहां उन्हें भारत में हिंसा फैलाने की ट्रेनिंग भी दी जाती है। पिछले दिनों केंद्र सरकार को गुप्तचर विभाग ने दी रिपोर्ट में कहा है कि श्रीनगर की उच्च सुरक्षा वाली केंद्रीय जेल में करीब 300 अनाधिकृत मोबाइल फोन इस्तेमाल किए जा रहे हैं। स्पष्ट है कि कैदियों के लिए यह काफी सुगम है। एक आधिकारिक रिपोर्ट में पता चला है कि जेल के भीतर मामूली अपराधियों और विचाराधीन कैदियों को कट्टरपंथी बनाया जा रहा है। ऊपर से धड़ल्ले से मोबाइल फोन का इस्तेमाल हो रहा है। यह भी और खतरे को बढ़ा रहा है। गत दिनों लश्कर का एक आतंकी मोहम्मद नवीद जट्ट दो पुलिस कर्मियों की हत्या करके महाराजा हरि सिंह अस्पताल से पुलिस हिरासत से भाग निकला था। इस घटना के बाद हुई आंतरिक जांच में यह मुद्दे सामने आए। जांच में पता चला है कि लगाए गए जैमर भी बेकार हो गए हैं। गृह विभाग को सौंपी गई खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक मामूली अपराधों के लिए जेल में बंद युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का अड्डा बन गए जेल परिसर में करीब 300 मोबाइल फोनों का संचालन हो रहा है। तत्कालीन महानिदेशक (कारावास) एस.के मिश्रा ने इस रिपोर्ट के बारे में कहा कि जेल में भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स निगम लि. (ई.सी.आई.एल) ने जो मोबाइल जैमर लगाए थे, वे काम नहीं कर रहे। ई.सी.आई.एल. ने जो प्रौद्योगिकी अपनाई वह चलन से बाहर हो चुकी लगती है। जैमर अब सिग्नल या मोबाइल फोनों को रोक नहीं पा रहे। नवीद के फरार होने की घटना के बाद मिश्रा को पद से हटाकर जम्मू-कश्मीर पुलिस आवास निगम का अध्यक्ष सह-महाप्रबंधक बना दिया गया।  रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां जेहाद पर व्याख्यान दिए जाते हैं। धर्म के मूल सिद्धांतों को परे रखकर कट्टरपंथ के पहलुओं पर जोर दिया जाता है। इस तरह के धार्मिक प्रवचनों का कैदियों पर गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है, खासकर युवाओं पर। इसमें यह भी कहा गया कि कैदियों को अलग-अलग नहीं रखा जाता। आतंकवाद या अलगाववाद के आरोप में गिरफ्तार लोगों के साथ कैदी बड़े अदब से पेश आते हैं। कैदियों को उनकी संबद्धता (आतंकी संगठन) के आधार पर बैरक आबंटित किए जाते हैं। मिश्रा ने कहा कि श्रीनगर सेंट्रल जेल में हाइप्रोफाइल कैदियों को अलग-अलग रखना असंभव सा है क्योंकि जेल का ढांचा बहुत पुराना और खराब है। 

अब उत्तर प्रदेश के आतंकी विरोधी दस्ते ने दस लोगों के एक गिरोह को पकड़ा है।  जो पाकिस्तान के लश्कर-ए-ताइबा के लिए भारत से धन एकत्रित कर रहा था। आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि गिरफ्तार युवकों का पाकिस्तान के लाहौर में बैठे लश्कर-ए-ताइबा के हैंडलर से सीधे संपर्क में थे। ये पाकिस्तान से मिलने वाले निर्देशों पर फर्जी नामों से अलग-अलग बैंकों में खाते खोलते थे। उन खातों में पाकिस्तान, नेपाल और कतर से पैसे ट्रांसफर किए जाते थे। उसके बाद हैंडलर द्वारा बताए गए बैंक खातों में फर्जी खोले गए खातों से ग्रीन कार्ड के जरिये या फिर कैश निकालकर पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे। इसके बदले इन लोगों को कुछ कमीशन मिलता था। आईजी ने बताया कि इंटेलीजेंस इनपुट व पूर्व की घटनाओं के आधार पर मामले की तफ्तीश की जा रही थी। इसी के आधार पर शनिवार को रीवा, गोपालगंज (बिहार) के अलावा गोरखपुर, प्रतापगढ़ और लखनऊ में छापेमारी कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से 52 लाख रुपए, बड़ी संख्या में डेबिट कार्ड, तीन लैपटॉप, 8 स्वैप मशीन, मैग्नेटिक कार्ड रीडर व एक विदेशी पिस्टल समेत कई अन्य सामान बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार लोगों के तार नेपाल से जुड़े होने की पुष्टि हुई है। इसमें नेपाल के भी कुछ नागरिक शामिल हैं, जिनकी तलाश में बॉर्डर पर पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है।

पाकिस्तान भारत विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर बोलता भी बहुत है और भारत विरुद्ध होने वाली गतिविधियों को बढ़-चढ़कर समर्थन व संरक्षण भी देता है। भारत पाकिस्तान की भारत विरोधी गतिविधियों पर न•ार रखे हुए हैं, लेकिन मोदी सरकार पूरी तरह से कोई ठोस नीति पाकिस्तान विरुद्ध नहीं बना पा रही। कश्मीर समस्या को लेकर अतीत में मोदी ने एक बार नहीं अनेक बार लोगों से पाकिस्तान विरुद्ध कार्रवाई करने की शपथ खाई थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद शायद मोदी सरकार के पांव को भी राजनीतिक बेडिय़ों ने जकड़ रखा है।

पाकिस्तान द्वारा कमर से नीचे किए जा रहे हमलों व भारत विरुद्ध नीति का जवाब भी उसी भाषा में दिया जाना चाहिए जो पाकिस्तान को समझ आ सकती हो। भारत के विकास की राह पर बढ़ते कदमों को पाकिस्तान किसी न किसी बहाने रोकना चाहता है। भारत को चाहिए कि वह भारतीय सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर सतर्क होकर पाकिस्तान को उसको समझ आने वाली भाषा में उत्तर दें।    
 


-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक,
दैनिक उत्तम हिन्दू।

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 9814266688 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें ।


महिला हॉकी विश्व कप: पहले खिताब के लिए उतरेगी टीम इंडिया 

लंदन(उत्तम हिन्दू न्यूज)- पिछले 13 संस्करणों में विश्व कप की ...

मुश्किलों में फंसे रणबीर कपूर, इस महिला ने ठोका 50 लाख का मुकदमा

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): संजय दत्त की बायॉपिक पर बनी फिल...

top