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देश में विपक्ष नेतृत्वविहीन, मुद्दाविहीन और दिशाहीन : खन्ना

Publish Date: September 11 2018 11:06:41am

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना से उत्तम हिन्दू की सीधी बात

- कहा, राजस्थान में आसानी से सरकार बनाएगी भाजपा
- संकेत : जेएंडके में स्थानीय निकाय चुनावों के बाद बन सकती है सरकार
- सलाह : पंजाब विधानसभा वॉकआउट में विधायकों को पार्टी अध्यक्ष से बात करनी चाहिए थी
- सियासत : अमृतसर सीट को लुधियाना से बदलने के बारे में नहीं हुई कोई चर्चा

नई दिल्ली/उत्तम हिन्दू न्यूजः उत्तर भारत में भाजपा के वरिष्ठ नेता अविनाश राय खन्ना जिन्हें अपनी पार्टी का हर कार्यकर्ता और नेता तो सम्मान देता ही है वहीं विपक्षियों के मन में भी उनके प्रति सदैव सम्मान ही रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं जम्मू-कश्मीर, राजस्थान व गोवा के भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना भारतीय रेडक्रास सोसाइटी के उप-सभापति भी हैं। पंजाब मानवाधिकाार आयोग के सदस्य रह चुके खन्ना 2002 में पंजाब की गढ़शंकर विधानसभा सीट से विधायक बने। इनकी अगुवाई में पंजाब भाजपा ने साल 2007 में पंजाब विस चुनावों में 2& में से पहली बार 19 सीटें जीतीं। 2004 में होशियारपुर लोकसभा सीट से सांसद बने खन्ना को 2010 में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजकर चीफ व्हिप बनाया। पेश है विभिन्न सियासी मुद्दों पर उत्तम हिन्दू के विशेष प्रतिनिधि प्रतीक जैन से हुई उनकी वार्ता के कुछ अंश: 

सवाल : क्या भाजपा जम्मू-कश्मीर में फिर सरकार बनाने की सोच रही है?
खन्ना : जिस भी पार्टी की सोच भाजपा से मिलती होगी एवं हमारे संविधान में विश्वास रखती होगी, हम उससे बात करने के लिए तैयार हैं। हम वहां पर शांति एवं विकास चाहते हैं। फ्रैक्चरर्ड सरकार नहीं चाहते। वैसे अभी वहां स्थानीय निकाय चुनाव होने वाले हैं, वहां से स्थिति का पूरा अनुमान होने के बाद उचित कदम उठाया जाएगा।

सवाल : पीडीपी के साथ गठबंधन तोडऩे का क्या मुख्य कारण रहा?
खन्ना : भाजपा-पीडीपी का गठबंधन दो अलग सोच रखने वाली पार्टियों का एक सांझा उद्देश्य के तहत हुआ था। जो वहां विकास एवं अमन-शांति चाहती थीं, किंतु रमजान के महीने जब पीडीपी ने अनुरोध किया कि केंद्रीय सैन्य बल को इस महीने के लिए रोका जाए तो केंद्र सरकार ने बात मानकर ऑपरेशन रोक दिए ताकि घाटी में एक सकारात्मक प्रभाव जाए। किंतु इससे उलट पुलिस वालों/आर्मी अफसर/मीडिया वालों के कत्ल हुए जिससे वहां मानवाधिकार उल्लंघन होने लगा। इस पर पीडीपी से पूरी तरह बात करने की कोशिश की गई किंतु अगर उनकी इ'छा होती तो वो कुछ करते।

सवाल : भाजपा की केंद्र में सरकार आने के बाद जेएंडके को क्या सुविधाएं दी गई?
खन्ना : इस सरकार से पहले जब भी केंद्र से पैसा जेएंडके के लिए जाता था वो केवल दो परिवारों को ही पता होता था। किंतु मोदी सरकार आने के बाद जनता को पता है कि केंद्र ने राज्य के विकास हेतु कितना पैसा भेजा है, यहीं सबसे बड़ी  उपलब्धि है। साथ ही एक सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री द्वारा 1& बार राज्य का दौरा करना ऐतिहासिक है।

सवाल : पंजाब में अकाली दल अमृतसर सीट को लुधियाना से बदलना चाहता है?
खन्ना : ऐसा कुछ भी नहीं है। यह केवल अफवाहें हैं। असलियत में अभी तक सीटों पर कोई बैठक व चर्चा ही नहीं हुई है।

सवाल : अकाली-भाजपा गठबंधन द्वारा जस्टिस रणजीत सिंह रिपोर्ट के संबंध में विधानसभा से वॉकआउट करने को कैसे देखते हैं?
खन्ना: विधायकों को पार्टी अध्यक्ष से बात करके कोई फैसला लेना चाहिए था। इससे ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा।

सवाल : क्या आप पंजाब से चुनाव लडेंग़े?
खन्ना : नहीं, अभी ऐसा कुछ भी नहीं है। 

सवाल : राजस्थान में इस बार सरकार के खिलाफ काफी विरोधी लहर है?
खन्ना : चुनावों में गणित का भी बड़ा रोल है। राज्य में 51 हजार बूथ हैं। हरबूथ पर हमारे 20 लोग हैं। 400-450 बूथों को छोड़कर। कुल मिलाकर बूथ लेवल पर हमारी 10 लाख कार्यकर्ताओं की फौज है। 58 लाख की भाजपा की मैंबरशिप है। राज्य में 4 करोड़ 25 लाख के करीब वोट है जिनमें से करीब 2 करोड़ 70 लाख लोगों में से कोई ना कोई सरकारी लाभार्थी है जिससे हम सीधे तौर पर 50-60 प्रतिशत लोगों को सीधा संवाद कर रहे हैं।

सवाल : इस बार भाजपा किस ताकत से चुनावों में उतरेगी?
खन्ना : पहले हमने विधानसभा में वसुंधरा राजे के नाम, लोकसभा में नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव लड़े थे। किंतु इस बार के विस चुनावों में हम वसुंधरा राजे के नाम व काम, केंद्र में नरेंद्र मोदी के नाम व काम एवं भाजपा के संगठन के मिश्रण से चुनाव लड़ेंगे। साथ ही 7 जुलाई को मोदी की रैली के बाद जिसमें केवल राज्य के 1 प्रतिशत लाभार्थियों को बुलाया गया था, वहां की हवा में तबदीली शुरू हो गई है।

सवाल : अगर ऐसा है तो राजस्थान के उपचुनाव कैसे हार गए?
खन्ना : उन चुनावों से हमें सबक मिला है। हम सरकार की योजनाओं को प्रभावशाली रूप से लोगों तक नहीं पहुंचा पाए।

सवाल : यही ताकत तो पंजाब में भी थी तो भाजपा का ग्राफ इतना कैसे गिर गया?
खन्ना : वहां पर विरोधी लहर राजस्थान से कई गुणा ज्यादा थी।

सवाल : विपक्ष को आप कैसे देखते हैं?
खन्ना : क्या विपक्ष के पास नरेंद्र मोदी के समान नेता है। क्या उनके पास मुद्दे हैं? विपक्ष पूरी तरह से लीडरलैस, इश्यू-लैस व डायरैक्शन-लैस है।

सवाल : गोवा में आपके मुख्यमंत्री की सेहत ठीक नहीं है, भाजपा किसी और को सीएम क्यों नहीं लगा रही?
खन्ना: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का पार्टी, गठबंधन व आम जनता में बहुत मान-सम्मान है। सेहत के कारण उन्हें सीएम पद से हटाना सरासर गलत होगा। वे पूरी निष्ठा व ताकत से अपनी सेवाएं राज्य को दे रहे हैं। 

सवाल : 2019 लोस चुनावों को कैसे देख रहे हैं?
खन्ना : देखिए, इसे समझना होगा। पिछली बार हमारी सरकार 1& करोड़ वोटों से बनी थी। इस बार भाजपा के 9 करोड़ तो कार्यकर्ता ही हैं। साथ ही केंद्रीय योजनाओं का फायदा लेने वाले लाभार्थियों की संख्या भी 22 करोड़ के आसपास है। तो सीधे तौर पर 2019 में फिर से भाजपा की सरकार आ रही है।

सवाल : क्या इन अनुमानों से भाजपा अति विश्वास से तो नहीं भर गई है?
खन्ना : बिल्कुल नहीं। बल्कि हम पहले से अधिक सतर्क हो गए हैं ताकि इसका उल्टा असर ना पड़ जाए।

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