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वायरल फोटो और वीडियो ने पकड़ा अधिकारियों का सफेद झूठ 

Publish Date: September 13 2017 08:49:40pm

 कलायत (रणबीर राणा): नगर पालिका द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना आवेदन फार्मों को कूड़े की बजाए बरामदे में सुरक्षित सुरक्षित रखने की रिपोर्ट का सफेद झूठ पकड़ा गया। प्रदेश सरकार को भेजी गई इस भ्रामक रिपोर्ट की पोल सोशल मीडिया में बड़े पैमाने पर वायरल हुई वीडियो और फोटो ने खोल कर रख दी है। वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री आवास योजना के फार्म पालिका परिसर के कूड़ा-कर्कट में पड़े साफ नजर आ रहे हैं। ढेर से लोग अपने फार्म तलाश रहे हैं। महत्वपूर्ण दस्तवोजों में आवेदकों की बैंक पास बुक, आधार कार्ड, भूमि रजिस्टरी, फोटो, राशन कार्ड और दूसरी प्रतियाएं शामिल हैं। इस प्रकार की संवेदशीलता के बाद भी मौका स्थल पर न तो पालिका का कोई कर्मी आसपास नजर आ रहा है और न ही निगरानी हो रही कि दस्तावेज किसी गलत हाथ में न लग पाएं। मामला 14 जुलाई 2017 से जुड़ा है। कृष्ण, सुनील, सुरेंद्र, रोहताश और दूसरे लोगों का कहना है कि इस प्रकार की लापरवाही न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की कल्याण नीति के साथ मजाक है बल्कि महत्वपूर्ण दस्तावेजों को यूं फेंकना अपराध को बढ़ावा देता है। इसकी पूरी जिम्मेवारी नगर पालिका प्रशासन और आवेदन फार्म प्रक्रिया से जुड़े अन्य अधिकारियों की है। हालांकि मामले की शिकायत सरकार के संज्ञान में आने के बाद 15 जुलाई 2017 को हरियाणा स्थानीय निकाय मिशन अतिरिक्त निदेशक ने टीम के साथ संवेदनशील मामले क जांच करने पहुंचे। पालिका प्रशासन ने अपनी गलती पर पर्दा डालते हुए आवेदन फार्म कूड़े में फेंकने की बात नकार दी और दस्तावेज बरामदे में सुरक्षित रखने का भ्रामक पक्ष दिया। जबकि सच्चाई यह है कि आवेदन फार्म पालिका परिसर में वृक्षों के नीचे कूड़े के ढेर में फेंके गए थे। फोटो और विडियोग्राफी में साफ तौर से ईंटों का फर्श और वृक्षों के साथ-साथ कूड़ा-कर्कट साफ नजर आ रहा है। पालिका कार्यालय के किसी भी बरामदे में न तो ईंटों का फर्श है और न ही बरामदे क े अंदर कहीं वृक्ष उगे है। इस प्रकार के ठोस तथ्यों को दरकिनार करते हुए आवेदन फार्मों को खुर्द-बुर्द करने की जांच करने की बजाए इस पर पर्दा डाल दिया गया। इन हालातों में बड़ी संख्या में पात्र लोग केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी आवास योजना से दूर रहते नजर आ रहे हैं। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में जिस प्रकार लापरवाही का आलम है वह जनकल्याणकारी योजना के साथ मजाक है। 
साक्ष्य के तौर पर उपलब्ध करवाई वीडियो और फोटो: 
एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि सीएम विंडो के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना आवेदन फार्म कूड़ा-कर्कट में फेंकने की शिकायत प्रशासन को मिली। डीसी के निर्देश पर मामले की जांच शुरू की गई। शिकायतकर्ता ने 12 सितंबर को जांच कार्रवाई में शामित होते हुए मामले से जुड़ी सीडी और फोटो उपलब्ध करवाएं हैं। साथ ही मामले की उच्च स्तर पर करवाने का आग्रह किया है। 

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