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गाांव गाजीपुर की सरकारी गौशाला गौवंश के लिए बनी काल

समाना, (जतिंदर गोयल)- गाांव गाजीपुर की सरकारी गौेशाला में प्रबंधों की कमी के चलते रविवार को करीब डेढ़ दर्जन गौेधन की मौत होने की जानकारी मिली हैे। इसके अलावा दर्जनों गाय जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही हैं। वर्णनीय बात है कि करीब 10 वर्ष पहले समाना के पास के गांव गाजीपुर में सरकारी गौेशाला का निर्माण करवाया गया था। तभी से लेकर आज तक यह गौेशाला कई बार प्रबंधों की कमी के चलते चर्चा का विषय बनती आ रही है।
प्रबंधक नींद में, न पीने को पानी न खाने को चारा
रविवार को गौेशाला में दर्जनों गायों की मौत होने पर घटना स्थल पर दौरा करने पर देखा गया कि गौेशाला में रहने वाले करीब 1200 गौेधन की हालत बेहद दयनीय बनी हुई है। गौेशाला में दर्जनों गायों की मौत होने के साथ कई गाय भूख व प्यास से तड़प रही थीं। गौेशाला में काम करने लोगों ने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि गौेशाला का प्रबंध अति दयनीय स्थिति में है जिसके चलते रोजाना करीब आधा दर्जन गौेधन दम तोड़ रहा है। इसके बावजूद गौशाला प्रबंधकों की नींद नहीं टूट रही है। उन्होंने बताया कि गौेशाला में हरे चारे की बेहद कमी चल रही है। यहां तक कि स्टाक में सूखा चारा भी कुछ ही दिनों के लिए बाकी बचा है जिससे गौेधन भूख व प्यास से दम तोड़ रहा है।
खुले में ही मरने के लिए छोड़ दिया
इसके अलावा ठंड से बचाने के लिए भी कोई खास प्रबंध नहीं किए गए उन्हें खुले में ही जैसे मरने के लिए छोड़ दिया गया हो। गायों को सर्द हवाओं से बचाने के लिए उचित प्रबंध नहीं किए गए। इस सबंधी गौशाला प्रबंध्कों से बात करने पर उन्होंने कहा कि गौेशाला में कमजोर गायों को छोड़ा जाता है जिसके चलते अन्य गौेधन से कई बार आपसी टकराव होने से कमजोर गौधन दम तोड़ जाता है।
हरा चारा पूरा फिर भी प्रशासन से मांग लिया
गौेशाला में हरे चारे संबंधी उन्होंने बताया कि समय-समय पर गौेधन को हरा चारा भी दिया जाता है। कभी हरे चारे की कमी होने पर सूखा चारा डाला जाता है। सर्दी के इस मौसम में कई कमजोर गौेधन दम तोडना स्वभाविक बात है। इसके बावजूद भी प्रशासन से मांग की गई है कि हरे चारे का पुख्ता प्रबंध किए जाएं। इस संबंधी शिवसेना नेता प्रवीण शर्मा ने कहा कि सरकार आम लोगों से गोसैस के नाम पर लाखों रुपए टैक्स वसूलती है पर इस सबके बावजूद गौेशलाओं की हालत बेहद दयनीय बनी हुई है। सरकार को चाहिए कि समय-समय पर गौेशालाओं में रह रहे गौेधन को दी जा सहुलियतों की समीक्षा करे।

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