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संकट: न कैश, न ईंधन- तेल बचाने के लिए कर्मचारियों को ज्यादा छुट्टियां देने का प्लान

इस्लामाबाद (उत्तम हिन्दू न्यूज): पाकिस्तान में सरकार बदल गई है लेकिन हालात बिल्कुल नहीं बदले हैं। पैसों की तंगी से जूझ रही पाकिस्तान सरकार ने अब तेल बचाने का नया तरीका ढूंढा है। पाकिस्तान सरकार इस बात की संभावना की जांच कर रही है कि क्या काम करने के वर्किंग डे घटाकर ईंधन बचाया जा सकता है। माना जा रहा है कि ऐसा करने से 2.7 बिलियन डॉलर (सालाना) की विदेशी मुद्रा बचा सकते हैं।

स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान तीन संभावनाओं की जांच कर रही है। ऐसा करके 1.5 बिलियन अमरीकी डॉलर से 2.7 बिलियन अमरीकी डॉलर की विदेशी मुद्रा की बचत की जा सकती है।

बता दें कि पाकिस्तान का तेल आयात मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 10 महीने (जुलाई से अप्रैल) में 17 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक बढ़ गया है। पिछले वित्त वर्ष के इसी कार्यकाल के मुकाबले यह 96 फीसदी की बढ़त है।

लगाए जा रहे अनुमानों के मुताबिक, हर हफ्ते का एक वर्किंग डे पाकिस्तान पर 642 मिलियन डॉलर का बोझ डालता है। इसमें माल ढुलाई और परिवहन शामिल नहीं है। इसके लिए कुछ सुझाव भी दिए गए हैं।

पहले केस में कहा जा रहा है कि वर्किंग डे चार कर दिया जाए और तीन छुट्टी हों। इस तरह एक महीने में 122 मिलियन डॉलर बचाए जा सकते हैं। जो कि सालाना रूप से 1.5 बिलियन डॉलर होंगे।

दूसरे केस में चार वर्किंग डे, दो छुट्टी और एक दिन का लॉकडाउन रखने की बात कही गई है। कहा गया है कि इस तरह एक महीने में 175 मिलियन डॉलर और साल में 2.1 बिलियन डॉलर बचाये जा सकते हैं।

तीसरे केस में चार वर्किंग डे, एक छुट्टी और दो दिन लॉकडाउन (कमर्शल एक्टिविटी बंद) की बात कही गई है। पेट्रोलियम से जुड़े आयात के बिल में इस तरह से महीने में 230 मिलियन डॉलर और सालाना रूप से 2.7 बिलियन डॉलर की बचत होगी।
ऊर्जा विभाग ने बिजली बचाने के भी निर्देश दिए हैं। उर्जा विभाग की तरफ से नई सरकार से गुजारिश की गई है कि काम के दिन कम किये जाएं और कमर्शल कार्यक्रमों को सिर्फ दिन में करने की इजाजत हो जिससे बिजली की भी बचत हो सके।

पाकिस्तान में पिछले हफ्ते विदेशी मुद्रा बचाने के लिए 38 विदेशी सामाना पर बैन लया था। इसमें विदेशी मोबाइल फोन, पास्ता, जैम आदि को लग्जरी प्रोडक्ट बताकर इनका इंपोर्ट बैन किया गया था।

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