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घंटाकर्ण देव अवतरण दिवस पर भक्तों का उमड़ा जनसैलाब

करनाल, (ड. हरीश चावला) – महाप्रभावी श्री घंटाकर्ण महावीर देवता का अवतरण दिवस कार्तिक महीने की कृष्ण चतुर्दशी है। इस साल भर के सर्वाधिक महत्वपूर्ण कृपा दिवस पर विशेष भक्तिमय आयोजन आराधना मंदिर में हुआ जिसमें उत्तर भारत के विभिन्न भागों से हजारों धर्मप्रेमी श्रद्धालु उपस्थित हुए। अल सुबह से देर सांझ तक श्रद्धासिक्त भक्तों का तांता लगा रहा। सर्वप्रथम श्री घंटाकर्ण बीजमंत्र के सामूहिक जाप से दैवी शक्ति का आह्वान करते हुए लोकमंगल की कामना की गई। साध्वी जागृति, जयपाल सिंह, महावीर जैन, प्रवीन जैन, सरिता जैन, अनीता जैन, नितिन और राशि जैन, आदि ने सुमधुर भजनों से समां बांधा और श्री घंटाकर्ण देव का आह्वान करते हुए उनकी मंगलमयी कृपा की याचना की। लक्खां तर गए लक्खां ने तर जाना जीना ने तेरा नाम जपिया, जिसकी उंगली पर चला यह सारा संसार है, वो कोई और नहीं मेरे घंटाकर्ण दातार है, जब-जब तेरा भक्त कहीं कोई रोता है, आंख के आंसू से चरण को धोता है आदि भजनों ने सभी की हृदय तंत्रियों को झंकार दिया। महासाध्वी श्री प्रमिला जी महाराज ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारतीय संस्कृति में भक्ति आत्मा को परमात्मा तक पहुंचाने का माध्यम है।

भक्तिपूर्ण समर्पण से असंभव को भी संभव किया जा सकता है और पराशक्तियों की दैवी कृपा से अलौकिक सफलता पाई जा सकती है। श्री घंटाकर्ण जी महाप्रभावी, भक्तवत्सल देवता हैं जिनकी कृपा व्यक्ति को निहाल तथा मालामाल कर देती है। इनमें भक्तों के संकटों को टालकर भक्त के जीवन को निर्विघ्न मनाने की अप्रतिम क्षमता है। परालौकिक शक्तियां भक्ति से प्रसन्न होकर कंगाल को मालामाल, साधनहीन को साधनसंपन्न तथा दर-दर ठोकरें खाने वाले को भी शाही ठाठ-बाट से युक्त बना देती हैं। श्री घंटाकर्ण जी सभी भारतीय परंपराओं के सर्वमान्य परोपकारी, जनहितैषी ऐसी देवता हैं जिनके अनुकूल होने पर सारी तकलीफें काफूर हो जाती हैं और जीवन- पथ गुलाब की पंखुडिय़ों की तरह सुकोमल तथा सुगमता से चलने योग्य बन जाता है।

अंधेर पक्ष की चतुर्दशी श्री घंटाकर्ण देव को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद पाकर अपने जीवन को सुख संपन्न बनाने का विशेष अवसर है जिस दिन देव दरबार में हाजिरी लगाकर अपना कुशल-मंगल, आनंद- क्षेम सुनिश्चित किया जा सकता है। आरती तथा प्रीतिभोज का लाभ श्री रत्न लाल पुनीत – नवनीत जैन, ( वर्धमान कंपोजिट्स इंडिया, करनाल ) की ओर से रहा। ध्वजारोहण प्रसिद्ध उद्योगपति तथा अखिल भारतीय जैन कांफ्रेंस के राष्ट्रीय महासचिव श्री अतुल जैन ( दिल्ली) ने किया। अशोक जैन ( एस.आर. ओसवाल, लुधियाना ) ने प्रक्षालन तथा राजीव जैन ( न्यू वीर ज्वेलर्स रोहिणी दिल्ली ) ने दीप प्रज्ज्वलन से देवता की आराधना की। विभिन्न आरतियों का लाभ कीमती लाल जैन – रायकोट, भारत भूषण जैन – लुधियाना, वीरेंद्र कुमार जैन – लुधियाना तथा रत्न लाल जैन परिवार – करनाल ने लिया। सारा दिन मंदिर परिसर में भक्तों की भारी चहल- पहल रही। फोटो: घंटा करण देव अवतरण दिवस पर प्रवचन देते पीयूष जी महाराज

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