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टेरर फंडिंग मामले में यासीन मलिक को सजा के बाद आतंकी हमले की आशंका, अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): आतंकवादी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के सरगना यासीन मलिक को बुधवार काे दिल्ली की एक विशेष अदालत ने आतंकवादियों को धन मुहैया कराने के मामले में आजीवन कारावास की सजा और 10 लाख रुपये का जुर्माना सुनाया। इसी बीच सुरक्षा एजेंसियों को यासीन मलिक को लेकर बड़े अलर्ट जारी हुए हैं। जानकारी के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के अलावा दिल्ली पुलिस को करीब 6 से 7 संवेदनशील अलर्ट मिले हैं। जिसमें बकायदा लिखा गया है कि दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अलगाववादी नेता यासीन मलिक की सजा के विरोध में दिल्ली एनसीआर में आतंकी हमले को अंजाम दिया जा सकता है।

Who is Yasin Malik - Kashmiri separatist sentenced to life imprisonment? |  Latest News India - Hindustan Times

जिस दिन यासीन मलिक को NIA कोर्ट ने दोषी करार दिया था उसी दिन से लगातार दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मिल रहा है। जिसमें कहा जा रहा है कि यासीन मलिक को दोषी करार दिए जाने के विरोध में उसके हार्ड कोर समर्थक और उसके करीबी आतंकी संगठनों के प्रमुख सीमा पार से दिल्ली एनसीआर में आतंकी हमले का प्लान बनाया है। यासीन मलिक की सजा के विरोध में देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर आतंकियों के निशाने पर है।

आतंकवादी सरगना मलिक जनवरी 1990 में कश्मीर में स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना सहित भारतीय वायुसेना के चार अधिकारियों और जवानों की हत्या के मामले चर्चित हुआ था। उसके खिलाफ 2017 में आतंकवाद और विघटनकारी करतूतों में शामिल होने के आरोपों में मामला दायर किया गया था।

I've been following Gandhian principles, says Kashmiri separatist leader Yasin  Malik ahead of sentencing - India News

मलिक ने 19 मई 2022 को एनआईए के मामलों की सुनवाई करने वाली पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत में अपने जुर्म कबूल किए थे। अदालत ने इस मामले में सजा सुनाने के लिए आज दोपहर बाद का समय निर्धारित किया था। मामले की संवेदनशीलता काे देखते हुए अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी थी और परिसर सुरक्षा कर्मियों के शिविर जैसा लग रहा था। सुरक्षा में पुलिस के अलावा अर्द्धसैनिक बल के दस्ते भी तैनात किये गये थे।

परिसर में मलिक को लाये जाने से पहले बम निस्तारण दस्ते और प्रशिक्षित कुत्तों से जांच करायी गयी थी। न्यायालय कक्ष में विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रवीण सिंह के करीब साढ़े पांच से पहुंचने से पहले मलिक को वहां लाया गया था।बुधवार को अदालती कार्रवाई के दौरान एनआईए ने मलिक को मृत्यु दंड दिये जाने की दलील दी थी।मलिक के मामले में फैसला अपराह्न साढ़े तीन बजे सुनाया जाना था लेकिन इसमें घंटे भर से अधिक देरी हुई।

Pakistan condemns conviction of Yasin Malik- The New Indian Express

इस बीच, जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर में यासीन के घर मैसुमा इलाके में पथराव की छिटपुट घटनाओं की रिपोर्ट आयी हैं। स्क्वाड्रन लीडर खन्ना की पत्नी निर्मल खन्ना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह जेकेएलएफ के इस आतंकवादी को मौत की सजा चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह उनके पति की हत्या के बावजूद 32 साल तक जीवित बचा है।

उन्होंने सजा सुनाये जाने से पहले जम्मू में संवाददाताओं से कहा था,“ मैं अपने मामले में चाहूंगी कि ‘मौत के बदले मौत’ की सजा मिले। जहां तक आतंकवादियों को धन पहुंचाने का मामला है तो मलिक को उसमें अदालत जो उचित समझे, सजा दे।” अदालत में उपस्थित वकील के अनुसार जेकेएलएफ सरगना मलिक के अधिवक्ता ने कहा कि उसके मुवक्किल ने 28 साल पहले ही हिंसा का रास्ता छोड़ चुका है और तब से किसी हिसंक वारदात में शामिल नहीं रहा है।

NIA court sentences Yasin Malik to life imprisonment in terror funding case  | Latest News India - Hindustan Times

मलिक के खिलाफ इस मामले में जांच एजेंसी ने मलिक, अलगाववादी कश्मीरी कार्यकर्ता फारुक अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे, नईम खान, मोहम्मद अहमद खांडे, राजा महरुद्दीन कलवाल, बशीर अहमद भट्ट, जहूर अहमद शाह वटाली, शब्बीर अहमद शाह, अब्दुल रशीद शेख और नवल किशोर कपूर को आरोप पत्र में अभियुक्त बनाया था। इस मामले में इनके अलावा लश्करे तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाउद्दीन को भगोड़ा अभियुक्त घोषित किया गया था।

इसी वर्ष मार्च में अदालत ने मलिक और अन्य के विरुद्ध गैर कानूनी गतिविधियां निवारक (यूएपीए) अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा चलाये जाने का आदेश दिया था। मलिक और अन्य के खिलाफ यूएपीए की धारा 16 (आतंकवाद में संलिप्तता), धारा 17 (आतंकवाद के लिए धन जुटाना), धारा 18 (आतंकवाद की साजिश) और धारा 20(आतंकवादी गिरोह या संगठन से नाता) और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी( आपराधिक षडयंत्र) और 124 ए राजद्रोह के अभियोग लगाये गये थे।

मलिक ने आरोप पत्र को सुनाये जाने के बाद कहा कि वह अपने विरुद्ध लगाये गये अभियोगों का प्रतिवाद नहीं करेंगे। एनआईए अदालत के न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने मामले की सुनवाई के बाद यासीन मलिक की वित्तीय स्थिति के बारे में हलफनामा मांगा था और एनआईए से 25 मई रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। अदालत ने कहा था कि इस मामले में 25 मई को सजा सुनायी जाएगी।

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