Monday, April 15, 2024
ई पेपर
Monday, April 15, 2024
Home » महिला सम्मान की हकदार : कंगना

महिला सम्मान की हकदार : कंगना

मनुस्मृति अनुसार ‘जिस घर में नारियों का सम्मान होता है वहां समस्त देवताओं का निवास होता है, जहां इनका आदर, सत्कार नहीं होता वहां किए गए सारे कार्य निष्फल हो जाते हैं।’ स्त्रियों के स्वभाव के बारे श्री रामचरित मानस में कहा गया है कि स्त्रियों का स्वभाव सब प्रकार से अज्ञेय, गंभीर और रहस्यमय होता है। चाहे कोई दर्पण में अपना प्रतिबिंब पकड़ ले परंतु स्त्री के स्वभाव और आचरण को नहीं समझ सकता।
उपरोक्त तथ्यों से स्त्री को लेकर हमारे ग्रंथों से स्पष्ट किया है कि स्त्री एक तरफ सम्मान जनक है तो दूसरी तरफ उसके स्वभाव को रहस्यमय बताया गया है।
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार अभिनेत्री कंगना रणौत को लेकर कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी आज विवाद का कारण बन गई है। एक औरत का दूसरी औरत पर की गई टिप्पणी कई प्रश्न खड़े करती है।
सुप्रिया की टिप्पणी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने कहा कि मंडी को दुनिया भर में छोटी काशी कहा जाता है। मैं विशेष रूप से मंडी के बारे में की गई निंदनीय टिप्पणियों से दुखी हूं और इस क्षेत्र से आने वाले लोग इन टिप्पणियों से आहत हुए हैं।
सुप्रिया को लिखे पत्र में कंगना ने लिखा कि एक कलाकार के रूप में अपने करियर के पिछले 20 वर्षों में मैंने हर तरह की महिलाओं की भूमिका निभाई है। फिल्म क्वीन में एक भोली-भाली लडक़ी से लेकर फिल्म धाकड़ में एक जासूस तक, मणिकर्णिका में एक देवी से लेकर चंद्रमुखी में राक्षस, रज्जो में एक वेश्या से लेकर थलाइवी में एक क्रांतिकारी नेता का किरदार निभाया है। कंगना रणौत ने कहा कि हर महिला सम्मान की हकदार है, चाहे उसकी पृष्ठभूमि व पेशा कुछ भी हो।
लोकसभा चुनावों का पहला चरण शुरू हो चुका है और एक दूसरे पर शब्द बाण छोडऩे का सिलसिला अब पहले से तेज हो चुका है। शब्दों को लेकर प्रख्यात आलोचक जॉर्ज स्टाइनर ने कहा था कि ‘शब्द बहुत नाजुक होते हैं। सार्थकता से भरे शब्द भी बखूबी भ्रष्ट किये जा सकते हैं, अगर उसका प्रयोग करने वाला समाज सार्थक मूल्यों से परे हट चला हो, और उन शब्दों का प्रयोग एक झूठ को ढंकने के लिए किया जा रहा हो।’ यह बात कंगना रणौत पर की टिप्पणी से समझी जा सकती है। दूसरी ओर सुप्रिया श्रीनेत ने स्पष्ट किया कि उनके फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट तक कई लोगों की पहुंच है और उनमें से किसी ने अनुचित पोस्ट किया है। उन्होंने कहा, जैसे ही मुझे पता चला मैंने वह पोस्ट डिलीट कर दी। जो भी लोग मुझे जानते हैं, वे अच्छी तरह से जानते हैं कि मैं कभी भी किसी महिला के प्रति व्यक्तिगत और अशोभनीय टिप्पणी नहीं कर सकती।
सुप्रिया श्रीनेत स्वयं कांग्रेस की नेत्री हैं और राजनीति में विशेष पहचान रखती हैं। अपनी सफाई में जो वह कह रही हैं उससे सहमत होने वाले कम ही हैं। हां, उन द्वारा कंगना रणौत पर की गई टिप्पणी ने मंडीवासियों की भावनाओं को आहत किया है, जिस कारण कांग्रेस को एक नहीं अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

झुकते नवजोत सिद्धू
-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।

GNI -Webinar

@2022 – All Rights Reserved | Designed and Developed by Sortd