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जेल में भी चलता था मुख्तार अंसारी की खाैफ का सिक्का, दो घंटे लगता था दरबार

लखनऊ (उत्तम हिन्दू न्यूज)- उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्तार अंसारी की हत्या के मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि तीन सदस्यीय समिति मौत की जांच करेगी। मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने दावा किया है कि उनके पिता को जेल में स्लो प्वाइजन दिया गया। इसी तरह का दावा मुख्तार अंसारी के भाई और गाजीपुर के सांसद अफजल अंसारी ने भी किया है, लेकिन अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मुख्तार अंसारी जिसे खाैफ का दूसरा नाम भी कहा जाता था उसने सारी उम्र अपने दबंगई का राैब बनाए रखा। राैब इतना था कि मछलियां खाने के लिए गाजीपुर जेल में तालाब खुदवा दिया था। जिससे दुश्मनी रखी उसकी हत्या ऐसे करवाई मानो कोई फिल्मी सीन चल रहा था। मुख्तार का हत्या के मामले में पहली बार नाम तब आया जब मुहम्मदाबाद से गाजीपुर, बलिया और बनारस के लिए प्राइवेट बसें चलती थीं। सचिदानंद राय इस धंधे के माहिर खिलाड़ी माने जाते थे। कहा जाता है कि मुख्तार के कुछ लोग भी इस धंधे में थे. किसकी बस कब निकलेगी इसको लेकर विवाद हो गया। मुख्तार के जवानी के दिन थे, उसने सचिदानंद की गैरमौजूदगी में उनके लोगों को खदेड़ दिया। सचिदानंद को जब ये बात पता चली तो वह झगड़ा करने मुख्तार के घर ‘फाटक’ पहुंच गए। कहा जाता है कि मुख्तार को यह बात बहुत बुरी लगी, इसके कुछ दिन बाद सचिदानंद की हत्या हो गई. इसमें नाम मुख्तार का आया लेकिन कुछ साबित नहीं हो पाया। पूरे जीवन में मुख्तार पर 61 केस दर्ज हुआ जिनमें से 8 तो हत्या के जेल में मुख्तार के बंद रहने के दाैरान दर्ज हुए।

मुख्तार दो साल से बांदा जेल में बंद था। मार्च, 2023 के आखिरी हफ्ते में इस जेल से एक कैदी छूटकर बाहर आया था। नाम न बताने की शर्त पर उसने बताया कि मुख्तार को स्पेशल हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया था। उसकी बैरक दूसरे कैदियों से अलग थी। ये बैरक जेल के बीच वाले गेट के पास ही बनी है। गेट के पास ही वह हर रोज घंटे-दो घंटे कुर्सी डालकर बैठता था। वहीं जेल अधिकारियों और दूसरे कैदियों से मिलता था। मुख्तार जब तक वहां बैठता था, कोई उस गेट से आ-जा नहीं सकता था। मुझे जब जेल से छूटना था, तब भी मुख्तार उसी गेट पर बैठा था। इस वजह से मेरी रिहाई करीब दो घंटे लेट हुई।

बीते दिनों मुख्तार अंसारी ने बाराबंकी कोर्ट में एक एप्लिकेशन भी दाखिल की थी। इसमें उसने आरोप लगाया था कि उसे जेल में खाने में विषैला पदार्थ मिलाकर दिया जा रहा है। अंसारी ने दावा किया कि 19 मार्च को खाना खाने के बाद उनकी नसों और अंगों में दर्द होने लगा। गाज़ीपुर जिले के मोहम्मदाबाद में कालीबाग कब्रिस्तान में अंसारी को सुपुर्द-ए-खाक करने की भी तैयारी जारी है। जिले के एक अधिकारी ने कहा, अंसारी के शव को ले जाने वाला काफिला शुक्रवार की नमाज के बाद अपनी यात्रा शुरू करेगा। पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके अवाला बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने पर भी अंकुश लगा दिया गया है। बांदा, मऊ, गाजीपुर और वाराणसी जिले में बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है।

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